उत्तराखंड सरकार ने देश का पहला अग्निवीर सेल (Agniveer Cell) खोला है। इसका मकसद पूर्व सैनिकों को नौकरी ढूंढने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करना है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में **10%** हॉरिजॉन्टल आरक्षण और सीमावर्ती गांवों में होमस्टे (Homestay) के लिए ग्रांट (Grant) देने का भी ऐलान किया है।
देश का पहला अग्निवीर सेल!
उत्तराखंड की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश का पहला समर्पित अग्निवीर सेल (Agniveer Cell) लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की। इस सेल का मुख्य काम उन अग्निवीरों के लिए एक ब्रिज (Bridge) का काम करना है जो अपनी सर्विस पूरी करने के बाद वापस लौट रहे हैं। यह सेल उन्हें राज्य की विभिन्न रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद करेगा। यह पहल राज्य की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत सेवा अवधि पूरी करने वाले सैन्य कर्मियों को बेहतर आर्थिक पुनर्वास के रास्ते दिए जा रहे हैं।
सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक अवसरों का विस्तार
इस पहल का एक अहम हिस्सा राज्य के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट (Self-employment) को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड का पर्यटन विभाग पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को होमस्टे (Homestay) बिजनेस शुरू करने के लिए खास फाइनेंशियल ग्रांट (Financial Grant) देगा। दूरदराज के इन इलाकों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) विकसित करके, राज्य का लक्ष्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना है और साथ ही पूर्व सैनिकों को स्थायी बिजनेस मॉडल प्रदान करना है। यह कदम उत्तराखंड के हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) और टूरिज्म (Tourism) सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ग्रामीण इलाकों में रहने के विकल्पों में बढ़ोतरी हो सकती है।
आरक्षण और ट्रेनिंग का ढांचा
सैन्य कर्मियों को सरकारी नौकरियों में शामिल करने के लिए, राज्य सरकार ने कई सरकारी क्षेत्रों में 10% हॉरिजॉन्टल आरक्षण (Horizontal Reservation) लागू किया है। इसमें राज्य पुलिस, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (Forest Department) और डिजास्टर मैनेजमेंट (Disaster Management) सेवाओं में भर्ती के रास्ते खोले गए हैं। इसके अलावा, सरकार ने सैन्य सेवा से आने वाले युवाओं को फायदा पहुंचाने के लिए एज-लिमिट (Age-limit) में छूट के विशेष प्रावधान भी किए हैं। राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मुफ्त प्रेपरेटरी ट्रेनिंग (Preparatory Training) भी दे रही है।
निवेशकों और आर्थिक नजरिया
बाजार के जानकारों और क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर नजर रखने वालों के लिए, यह नीति राज्य सरकार के उस प्रयास को दर्शाती है जो युवाओं में बेरोजगारी कम करने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सैन्य सेवा को नागरिक रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट से जोड़कर, राज्य की कोशिश स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने की है। इन ग्रांट्स (Grants) का क्षेत्रीय पर्यटन क्षेत्र पर पड़ने वाला असर और सरकारी रिक्तियों को भरने में आरक्षण नीति की प्रभावशीलता आने वाली तिमाहियों में देखने वाली होगी। हिमालयी क्षेत्र में हॉस्पिटैलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में रुचि रखने वाले निवेशक इस बात पर गौर करेंगे कि क्या ये प्रोत्साहन सीमावर्ती गांवों में छोटे व्यवसायों की गतिविधि में कोई खास बढ़ोतरी लाते हैं।
