सरकार ने देश में न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। Union Cabinet ने **850** फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स को मार्च **2031** तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है, जिस पर **₹3,788.04 करोड़** खर्च किए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs) की योजना को अगले 5 साल के लिए विस्तार दे दिया है। 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक चलने वाली इस योजना का मकसद संवेदनशील आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाना है।
फंड का गणित
इस योजना के लिए कुल ₹3,788.04 करोड़ का बजट तय किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार ₹2,353.15 करोड़ का हिस्सा 'निर्भया फंड' के जरिए वहन करेगी। यह पैसा 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 850 विशेष अदालतों के संचालन में खर्च किया जाएगा। ये कोर्ट्स मुख्य रूप से POCSO एक्ट और रेप से संबंधित केसों की सुनवाई के लिए समर्पित हैं।
न्याय में तेजी की चुनौती
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य अदालतों में लंबित मामलों के अंबार को कम करना है। हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक राज्य सरकारों के सहयोग पर टिकी है। न्यायिक अधिकारियों, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। आने वाले समय में इस बात पर नजर रहेगी कि फंड का सही इस्तेमाल कैसे होता है और केसों के निपटारे की दर में कितना सुधार आता है।
