त्योहारी सीजन से पहले रेल कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय कैबिनेट ने **11.41 लाख** से अधिक नॉन-गजेटेड रेल कर्मचारियों के लिए **₹2,009.61 करोड़** के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दे दी है।
बोनस का गणित और भुगतान
केंद्र सरकार ने इस साल 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस देने का फैसला किया है। यह बोनस मुख्य रूप से दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे त्योहारों से पहले दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ ट्रैक मेंटेनर्स, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और स्टेशन मास्टर्स जैसे फ्रंटलाइन स्टाफ को मिलेगा। एक कर्मचारी को अधिकतम ₹17,951 तक का बोनस मिल सकता है।
क्यों मिला यह बोनस?
यह निर्णय इंडियन रेलवे के शानदार प्रदर्शन के आधार पर लिया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे ने 1,670 मिलियन टन फ्रेट लोडिंग और 7.41 बिलियन यात्रियों को सुरक्षित सफर कराने का माइलस्टोन हासिल किया है, जो इस बोनस का आधार बना है।
वेतन सीमा पर चर्चा
भले ही यह बोनस कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया हो, लेकिन यूनियनें अभी भी ₹7,000 की मौजूदा वेज सीलिंग (वेतन सीमा) को लेकर असंतुष्ट हैं। यह सीमा 2014-15 से नहीं बदली है। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन जैसे संगठनों का कहना है कि महंगाई के हिसाब से इस सीलिंग को बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि, इस फैसले का शेयर बाजार में लिस्टेड रेलवे कंपनियों जैसे IRCTC या RVNL पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह एक सरकारी प्रशासनिक निर्णय है।
