UTU ने लीक हुए प्रश्नपत्र के बाद B.Tech परीक्षाएं रद्द कीं

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AuthorNeha Patil|Published at:
UTU ने लीक हुए प्रश्नपत्र के बाद B.Tech परीक्षाएं रद्द कीं

वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) ने एक सहायक प्रोफेसर द्वारा कथित तौर पर व्हाट्सएप पर प्रश्न लीक करने की शिकायतों के बाद दो B.Tech परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और नई परीक्षाएं अगस्त के लिए निर्धारित हैं। इस घटना ने विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है और परीक्षा सुरक्षा प्रोटोकॉल की गहन जांच की मांग उठाई है।

Detailed Coverage

UTU में परीक्षा लीक का खुलासा

वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) ने परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की जांच के बाद तीसरे वर्ष की दो B.Tech सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। रद्द की गई परीक्षाएं 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' की थीं, जो मूल रूप से 7 जुलाई को आयोजित की गई थीं।

जांच और कार्रवाई

विश्वविद्यालय का यह कदम एक आंतरिक जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने 3 जुलाई को व्हाट्सएप और कॉलेज के आंतरिक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से छात्रों के साथ परीक्षा के प्रश्न साझा किए थे। मोबाइल उपकरणों से प्राप्त डिजिटल रिकॉर्ड सहित सबूतों के आधार पर, विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर को सात साल के लिए परीक्षा से संबंधित सभी कर्तव्यों से प्रतिबंधित कर दिया है। वाइस-चांसलर तृप्ता ठाकुर ने आरोपी के खिलाफ औपचारिक कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है।

छात्रों पर असर और शैक्षणिक कार्यक्रम

परीक्षाओं के रद्द होने से प्रभावित B.Tech छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते देहरादून में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नेतृत्व में प्रदर्शन हुए। छात्रों ने इन अनियमितताओं के उनके अकादमिक रिकॉर्ड और भविष्य के करियर की संभावनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है। इस नाराजगी के जवाब में, विश्वविद्यालय ने इन विषयों के लिए नई परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित करने की घोषणा की है।

सरकारी और संस्थागत प्रतिक्रिया

राज्य सरकार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अकादमिक या सरकारी परीक्षाओं में कदाचार के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। देहरादून में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने प्रश्नों तक कैसे पहुंचा गया और वितरित किया गया, इसकी गहन जांच के लिए दो विशेष समितियां गठित की हैं। राजनीतिक नेताओं ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रियाओं की अखंडता की समीक्षा के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बुलाने की भी मांग की है। विश्वविद्यालय वर्तमान में भविष्य में इसी तरह की चूक को रोकने के लिए संवेदनशील अकादमिक दस्तावेजों को संभालने के लिए अपनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है। छात्रों और हितधारकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु पुनर्निर्धारित परीक्षा तिथियों की आधिकारिक घोषणा और चल रही पुलिस जांच के निष्कर्ष होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.