US नागरिकता शुल्क में 80% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव: भारतीय आवेदकों पर असर?

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AuthorNeha Patil|Published at:
US नागरिकता शुल्क में 80% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव: भारतीय आवेदकों पर असर?

अमेरिकी सरकार ने नागरिकता आवेदनों के लिए फीस में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इस बदलाव से बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकता चाहने वाले भारतीय प्रभावित होंगे। फीस माफी (waiver) की सुविधा को भी खत्म किया जा सकता है।

क्या हुआ?

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने नागरिकता (naturalization) के लिए आवेदन शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फॉर्म N-400, जो नागरिकता के लिए मुख्य आवेदन है, की फीस में यह बढ़ोतरी की गई है।

  • पेपर फाइलिंग (Paper Filing): फीस $760 से बढ़कर $1,330 हो सकती है, जो कि लगभग 75% की बढ़ोतरी है।
  • ऑनलाइन फाइलिंग (Online Filing): फीस $710 से बढ़कर $1,280 हो सकती है, जो लगभग 80% का इजाफा है।

इसके अलावा, एक बड़ा बदलाव यह है कि कम आय वाले आवेदकों के लिए मौजूदा फीस माफी (fee waiver) या कम फीस के विकल्प को खत्म करने का प्रस्ताव है। इसका मतलब होगा कि सभी आवेदकों को पूरी फीस भरनी होगी।

भारतीय आवेदकों पर असर

यह प्रस्ताव भारतीय समुदाय के लिए काफी मायने रखता है, क्योंकि अमेरिका में नागरिकता लेने वाले प्रमुख देशों में भारत का नाम आता है। DHS के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024 में 49,700 भारतीयों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल की। यह संख्या वित्तीय वर्ष 2022 के 65,960 की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन फिर भी यह काफी बड़ी है। ऐसे में, नागरिकता की लागत में यह वृद्धि हजारों भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन सकती है।

अपील और अतिरिक्त शुल्क

प्रस्ताव में फैसलों को चुनौती देने की फीस भी बढ़ाई जा रही है। नागरिकता आवेदन खारिज होने पर सुनवाई का अनुरोध करने वाले फॉर्म N-336 की फीस भी बढ़ेगी। पेपर फाइलिंग के लिए यह $830 से बढ़कर $1,475 और ऑनलाइन फाइलिंग के लिए $780 से बढ़कर $1,425 हो सकती है। यह बढ़ी हुई फीस आवेदकों को अपील करने से हतोत्साहित कर सकती है।

प्रस्ताव का कारण

DHS का कहना है कि यह शुल्क समायोजन (adjustment) नागरिकता आवेदनों को प्रोसेस करने और उनका मूल्यांकन करने में आने वाली परिचालन लागतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। एजेंसी का मानना है कि मौजूदा शुल्क इन सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों को पूरी तरह से कवर नहीं करते हैं।

आगे क्या?

यह प्रस्ताव फिलहाल 60-दिन की सार्वजनिक टिप्पणी अवधि (public comment period) में है। इस दौरान, एजेंसी जनता, वकालत समूहों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया लेगी। जो लोग आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए इस टिप्पणी अवधि के परिणाम पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। यह देखना होगा कि क्या अंतिम नियम प्रस्ताव के अनुसार लागू होता है या सार्वजनिक प्रतिक्रिया के आधार पर फीस माफी नीतियों में कोई बदलाव किया जाता है।

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