US जन्म पर्यटन पर नकेल: 600 से ज़्यादा वीज़ा रद्द, क्या है नया कानून?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US जन्म पर्यटन पर नकेल: 600 से ज़्यादा वीज़ा रद्द, क्या है नया कानून?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'जन्म पर्यटन' पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में 600 से ज़्यादा वीज़ा रद्द किए गए हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का हिस्सा है, जिसका मकसद उन नेटवर्क्स को रोकना है जो जन्म के ज़रिए नागरिकता दिलाने में मदद करते हैं। हालांकि, इस नई नीति ने 'गोल्ड कार्ड' जैसी निवेश-आधारित रेसिडेंसी प्रोग्राम के साथ इसकी संगति पर बहस छेड़ दी है।

'जन्म पर्यटन' पर शिकंजा कसने की तैयारी

अमेरिकी विदेश विभाग ने 'जन्म पर्यटन' को रोकने के लिए एक सख्त नीति अपनाई है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुलासा किया है कि विभाग ने महज़ एक महीने के अंदर 600 से ज़्यादा वीज़ा रद्द कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों को रोकना है जो सिर्फ़ अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर अपने बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता हासिल कर लेते हैं।

यह नीति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2026 के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद आई है, जिसमें संघीय एजेंसियों को 'जन्म पर्यटन' के खिलाफ़ सख़्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। रुबियो ने ज़ोर देकर कहा कि अमेरिकी नागरिकता की पवित्रता सर्वोपरि है और सरकार ऐसे किसी भी नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेगी जो विदेशियों को कोचिंग देने, यात्रा का इंतज़ाम करने या फिर दस्तावेज़ों में हेरफेर करके इमिग्रेशन कानूनों का फायदा उठाने में मदद करते हैं।

नई 'जन्म पर्यटन रोकथाम टास्क फोर्स'

इस निर्देश को लागू करने के लिए, विदेश विभाग ने विशेष 'जन्म पर्यटन रोकथाम टास्क फोर्स' का गठन किया है। यह विशेष इकाई वीज़ा धारकों की यात्रा इतिहास और गतिविधियों की बारीकी से जांच करेगी। होमलैंड सिक्योरिटी और अन्य एजेंसियों से मिले डेटा का इस्तेमाल करके, यह टास्क फोर्स उन संगठित नेटवर्क्स का पता लगाएगी और उन्हें खत्म करेगी जो जन्म से जुड़ी यात्राओं के लिए वीज़ा गाइडेंस, रहने की व्यवस्था और अस्पताल का इंतज़ाम करते हैं।

'गोल्ड कार्ड' पॉलिसी पर छिड़ी बहस

रुबियो के इस सख़्त रुख की कड़ी आलोचना हो रही है, खासकर प्रशासन के अपने 'गोल्ड कार्ड' प्रोग्राम को लेकर। आलोचकों का कहना है कि जहाँ एक तरफ़ प्रशासन 'जन्म पर्यटन' के खिलाफ़ कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे प्रोग्राम चलाए हुए हैं जो विदेशी निवेशकों को अमेरिकी रेसिडेंसी और अंततः नागरिकता का रास्ता दिखाते हैं।

'गोल्ड कार्ड' पहल उन लोगों को रेसिडेंसी के विकल्प देती है जो महत्वपूर्ण निवेश करते हैं, आमतौर पर $10 लाख से $20 लाख के बीच। इस वजह से, नागरिकता 'बेचने' की परिभाषा को लेकर बहस छिड़ गई है। विरोधियों का तर्क है कि प्रशासन अमीर निवेशकों और जन्मसिद्ध नागरिकता चाहने वाले परिवारों के बीच अंतर कर रहा है, भले ही दोनों ही देश में अपनी जगह बनाने के कानूनी या प्रशासनिक तरीके हों।

यात्रा और इमिग्रेशन सेवाओं पर संभावित असर

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और इमिग्रेशन या वीज़ा कंसल्टिंग सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए, इस नीति में बदलाव का मतलब है कि अब जांच-पड़ताल ज़्यादा कड़ी होगी। अमेरिकी सरकार का 'शोषण नेटवर्क्स' को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करने का मतलब है कि दूतावासों और प्रवेश बिंदुओं पर यात्रा के दस्तावेज़ों और घोषित उद्देश्य की ज़्यादा सख़्ती से जाँच होने की संभावना है।

निवेशकों और व्यवसायों को, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा की निर्बाध आवाजाही पर निर्भर करते हैं, सख़्त प्रवर्तन नीतियों को ध्यान में रखना होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि 'जन्म पर्यटन रोकथाम टास्क फोर्स' के परिचालन दिशानिर्देश क्या होते हैं और क्या ये उपाय वीज़ा पर और प्रतिबंध लगाते हैं या उन देशों में गैर-आप्रवासी वीज़ा आवेदकों के लिए मंज़ूरी की समय-सीमा को प्रभावित करते हैं जहाँ 'जन्म पर्यटन' सेवाएं प्रचलित रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.