अमेरिकी कोर्ट ने USPS के नए पोस्टल वोटिंग रेगुलेशंस को ब्लॉक कर दिया है। जज ने इसे असंवैधानिक और लॉजिस्टिकल फेल्योर करार दिया है, जिससे नवंबर मिड-टर्म चुनाव से पहले राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
कोर्ट का फैसला और कारण
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज इंदिरा तलवानी ने 4 सितंबर 2026 को एक प्रिलिमिनरी इंजेक्शन जारी करते हुए USPS के नए नियमों पर रोक लगा दी है। ये नियम राज्यों को वोटर लिस्ट एक नए फेडरल पोर्टल पर सबमिट करने और बैलट लिफाफों के लिए खास बारकोड मानकों का पालन करने के लिए मजबूर करते थे। कोर्ट ने पाया कि ये बदलाव मार्च 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेश का हिस्सा थे और ये राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
बाजार पर असर की संभावना
निवेशकों के लिए यह कानूनी लड़ाई अमेरिका में चल रही राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है। ऐतिहासिक रूप से, जब अमेरिका में संवैधानिक मुद्दों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स और करेंसी वैल्यूएशन पर पड़ता है। चूँकि मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक जाने के आसार हैं, इसलिए नवंबर चुनाव तक मार्केट में सतर्कता बनी रह सकती है।
आगे का रास्ता
डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस अब इस फैसले को 1st U.S. Circuit Court of Appeals में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट इस अपील पर क्या रुख अपनाता है, क्योंकि किसी भी कानूनी बदलाव का असर सीधे तौर पर अमेरिकी ट्रेड और ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी पर पड़ सकता है।
