U.S. Department of Energy के **51 वर्षीय** इंजीनियर Ashton Hamed Ellaboudy को हुती (Houthi) आंदोलन को मदद पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर ड्रोन और विस्फोटक बनाने के लिए अवैध सामान जुटाने और सरकारी मिशन के नाम पर झूठ बोलने का आरोप है।
आरोपों का खुलासा और जांच
वाशिंगटन के रिचलैंड में फेडरल अधिकारियों ने U.S. Department of Energy के एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर Ashton Hamed Ellaboudy को गिरफ्तार किया है। हुती समूह, जिसे अमेरिका ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है, को कथित तौर पर तकनीकी सहायता देने का आरोप है। यह समूह रेड सी (Red Sea) में शिपिंग लेन पर हमलों के लिए चर्चा में रहता है।
कैसे रची गई साजिश?
फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स के मुताबिक, Ellaboudy ने ड्रोन असेंबली के लिए विशेष कंपोनेंट्स और एसीटोन व सोडियम बाईसल्फेट जैसे रसायनों को जुटाने की कोशिश की थी। एफबीआई (FBI) के हलफनामे में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने खुद को हुती अधिकारी बताने वाले मुखबिरों से संपर्क किया और उन्हें संचार बुनियादी ढांचे (communications infrastructure) में सुधार के सुझाव दिए।
आरोपी ने विदेश यात्रा को लेकर भी अधिकारियों को गुमराह किया। उसने दावा किया था कि वह ओमान में मिसाइल डिफेंस सिस्टम की जांच के लिए सरकारी मिशन पर गया था, जबकि बाद की जांच में यह यात्रा पूरी तरह से अनधिकृत पाई गई।
मार्केट और सुरक्षा पर असर
Hanford Site पर काम करने वाले इस इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद विभाग ने साफ किया है कि किसी भी सुविधा की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, यह घटना ग्लोबल मार्केट्स के लिए चिंता का विषय है। ऐसी संवेदनशील तकनीक का अनधिकृत ट्रांसफर और कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन में इसका इस्तेमाल जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ाता है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह मामला भविष्य में तकनीकी निर्यात नियंत्रण (technology export controls) के नियमों को और सख्त बनाएगा।
