अमेरिकी सेना ने साल 2009 के फोर्ट हुड शूटआउट के दोषी Nidal Hasan की फांसी के लिए **3 दिसंबर, 2026** की तारीख मुकर्रर कर दी है। उसे 'फायरिंग स्क्वॉड' के जरिए मौत की सजा दी जाएगी, जो 1961 के बाद पहली बार होने वाली सैन्य कार्रवाई है।
अमेरिकी सेना ने पूर्व आर्मी साइकियाट्रिस्ट Nidal Hasan को मौत की सजा देने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। फोर्ट हुड शूटिंग केस में दोषी हसन को 3 दिसंबर, 2026 को फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मृत्युदंड दिया जाएगा। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इसकी पुष्टि की है। गौरतलब है कि अमेरिका में इस तरह की सजा का इस्तेमाल आखिरी बार 1945 में किया गया था।
राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला
यह कदम राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश के बाद उठाया गया है, जो सैन्य दंड नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्यवाही जनता के लिए भी सुलभ होगी, ताकि घरेलू आतंकवाद और सैन्य दायित्वों के उल्लंघन के गंभीर परिणामों को दर्शाया जा सके। यह घटना दोपहर के समय अंजाम दी जाएगी, जो उसी समय को दोहराएगी जब 13 लोगों की जान गई थी और 32 लोग घायल हुए थे।
ऐतिहासिक नीति और कानूनी पेच
अगर यह सजा तय समय पर होती है, तो यह 1961 के बाद अमेरिकी सेना द्वारा दी गई पहली मौत की सजा होगी। प्रशासन इस घटना को एक कड़े संदेश के रूप में देख रहा है। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि हसन अभी भी सिविल कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है। फायरिंग स्क्वॉड के इस्तेमाल को लेकर भी वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ गई है, जो इसे आधुनिक युग के सबसे विवादास्पद कानूनी फैसलों में से एक बनाती है।
