उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित हसैन पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। स्कूल के मुख्य द्वार के पास बनी कंक्रीट की छत अचानक गिर गई, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस बना मातम का दिन
संभल जिले के मढ़ला फतेहपुर गांव में स्थित हसैन पब्लिक स्कूल में 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान स्कूल परिसर के मुख्य द्वार पर बनी कंक्रीट की छत अचानक ढह गई। मलबे के नीचे स्कूल में कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे बच्चे दब गए।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
इस दुखद हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय बचाव दल हरकत में आ गया। मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
जांच के दायरे में क्या?
प्रशासन ने इस संरचनात्मक विफलता के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल की यह इमारत करीब 19 से 20 साल पुरानी बताई जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छत पुरानी होने के कारण कमजोर हो गई थी, रखरखाव में लापरवाही बरती गई थी, या फिर बच्चों के छत पर चढ़ने से यह हादसा हुआ। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है।
शेयर बाजार पर कोई असर नहीं
हसनैन पब्लिक स्कूल एक निजी शिक्षण संस्थान है, जिसके शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं हैं। ऐसे में, इस घटना का सीधे तौर पर शेयर बाजार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह हादसा देश भर के कई पुराने निजी स्कूलों में मौजूद ऐसे ही सुरक्षा जोखिमों की ओर इशारा करता है। यह घटना स्थानीय लोगों और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है कि स्कूल की इमारतों का नियमित ऑडिट और सुरक्षा मानकों का पालन कितना महत्वपूर्ण है।
आगे की कार्रवाई
आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या प्रशासन ऐसे अन्य निजी संस्थानों के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू करेगा। छात्रों की सुरक्षा और इमारतों की मजबूती इस घटना के बाद सबसे बड़े सवाल हैं।
