उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मिड-डे मील कार्यक्रम में काम करने वाले **3.54 लाख** रसोइयों के लिए एक नई स्वास्थ्य कल्याण पहल शुरू की है। पीएम पोषण योजना के तहत इन श्रमिकों को कैशलेस मेडिकल कार्ड दिए जाएंगे। यह कदम सरकार की फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ाने की मंशा का हिस्सा है।
₹3.54 लाख रसोइयों को कैशलेस इलाज का तोहफा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अगस्त, 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार पीएम पोषण योजना के तहत नियुक्त 3.54 लाख रसोइयों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करेगी। यह एक अहम कल्याणकारी कदम है जिसका मकसद सरकारी स्कूलों में पौष्टिक भोजन तैयार करने वाले इन मेहनती लोगों को स्वास्थ्य खर्चों से वित्तीय सुरक्षा देना है।
फ्रंटलाइन वर्कर्स का सम्मान
सरकार इन कर्मचारियों को, जिन्हें अक्सर कुक-सह-हेल्पर कहा जाता है, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था का एक अनिवार्य हिस्सा मानती है। कैशलेस मेडिकल कार्ड जारी करके, प्रशासन का लक्ष्य इन श्रमिकों को सीधे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है, जिससे इलाज पर होने वाले उनके व्यक्तिगत खर्चों में कमी आएगी। यह पहल राज्य सरकार के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जो सार्वजनिक कल्याण कार्यक्रमों में लगे लोगों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और उनके काम करने की परिस्थितियों में सुधार लाने पर केंद्रित हैं।
पीएम पोषण योजना और नई पहल
पीएम पोषण योजना, जिसे पहले मिड-डे मील योजना के नाम से जाना जाता था, एक केंद्रीय प्रायोजित कार्यक्रम है जिसके तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना के दैनिक कार्यान्वयन में रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह नई स्वास्थ्य सुविधा, राज्य की मौजूदा कल्याणकारी नीतियों में एक महत्वपूर्ण विस्तार है, जिसमें हाल ही में अन्य सरकारी कर्मचारियों और अनुबंध श्रमिकों के लिए भी इसी तरह की सामाजिक सुरक्षा पहलों को शामिल किया गया है।
नीतिगत बदलाव का संकेत
राज्य स्तर की नीतियों पर नजर रखने वालों के लिए, यह घोषणा सरकारी सामाजिक ढांचे पर होने वाले खर्चों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को उजागर करती है। हालांकि इस घोषणा का सीधे तौर पर किसी सूचीबद्ध कंपनी या शेयर बाजार सूचकांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, यह राज्य प्रशासनों द्वारा कार्यबल के बड़े वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को रेखांकित करता है। इस स्वास्थ्य कवरेज के क्रियान्वयन और इसकी पहुंच पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि यह राज्य में समुदाय स्तर पर काम करने वाले अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए लाभों को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
