उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी कॉलेज छात्राओं के लिए 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' शुरू की है। इसके तहत उन्हें मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी। साथ ही, राज्य में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दो बड़े लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी मिल गई है। ये इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे।
Detailed Coverage
मेधावी छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस कल्याणकारी पहल का मकसद मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल-संचालित स्कूटर उपलब्ध कराना है। योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के लिए ट्रांसपोर्ट की बाधाओं को दूर करना, उच्च शिक्षा में नामांकन को बढ़ावा देना और राज्य भर में युवा महिलाओं के आने-जाने को सुरक्षित बनाना है। इस योजना में खास तौर पर विशेष रूप से विकलांग छात्रों, शहीद परिवारों की बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार
इस सामाजिक कल्याणकारी कदम के साथ ही, कैबिनेट ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। सरकार ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। यह लगभग 117 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जो प्रयागराज को मौजूदा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ेगा। इसके अलावा, अधिकारियों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक अलग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
आर्थिक दृष्टिकोण से, इन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा। इस मॉडल में, सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के डिजाइन, खरीद और निर्माण के लिए निजी फर्मों को कॉन्ट्रैक्ट देती है। कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियों के लिए, ऐसे प्रोजेक्ट्स लंबी अवधि के ऑर्डर और रेवेन्यू के अवसर प्रदान करते हैं। निवेशक आमतौर पर इन प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया और सफल बोली लगाने वालों पर नजर रखते हैं, क्योंकि ये क्षेत्र में सक्रिय बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए भविष्य के रेवेन्यू स्ट्रीम का संकेत देते हैं।
बजट और सत्र की जानकारी
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि तीसरा विधायी सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस मानसून सत्र के दौरान, सरकार 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए एक अनुपूरक बजट पेश करेगी। यह बजट महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसमें इन नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन का विवरण होगा, जिससे वित्तीय वर्ष के शेष समय के लिए राज्य की पूंजीगत व्यय प्राथमिकताओं पर स्पष्टता मिलेगी।
