यूपी एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने लखनऊ से 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के इशारे पर सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।
ऑपरेशन का खुलासा और सबूत
30 अक्टूबर, 2026 को UP ATS ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से तीन युवकों—गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष्ण—को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। ये संदिग्ध दिल्ली होते हुए अमृतसर से लखनऊ पहुंचे थे। जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी 'राना भाई' नामक शख्स के इशारे पर काम कर रहे थे, जो शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ा है। इनका मकसद सुरक्षा अधिकारियों की हत्या करना और उसे रिकॉर्ड करके ₹3 लाख का इनाम हासिल करना था। मौके से एक विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस बरामद किए गए हैं।
डिजिटल रिक्रूटमेंट और सुरक्षा
जांच एजेंसियों ने संदिग्धों के फोन से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत के पुख्ता सबूत जुटाए हैं। 'राना भाई' ने इनके यात्रा खर्च के लिए छोटी डिजिटल ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल किया ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। राज्य में निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं की स्थिरता के लिए ऐसी आपराधिक गतिविधियों को रोकना बेहद अहम है, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
जांच का दायरा
अब ATS इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन्हें लखनऊ में स्थानीय स्तर पर किसने पनाह दी थी और फंडिंग के तार कहां तक फैले हैं। सुरक्षा बल अब इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि सीमा पार से किस तरह से स्थानीय लोगों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है।
