उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) ने कोयंबटूर से एक 19 साल के युवक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक खास 'Encrypted App' तैयार किया था।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश ATS ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय मकसूद अली को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 12 सितंबर को आजमगढ़ से पकड़े गए मोहम्मद नबील से मिली खुफिया जानकारी के बाद की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मॉड्यूल अल-कायदा के भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) से जुड़ा हुआ है।
कैसे काम करता था 'CAPTAIN M NETWORK'?
आरोपी मकसूद अली इस मॉड्यूल का तकनीकी एक्सपर्ट (Technical Operative) बताया जा रहा है। उसने अपनी कोडिंग स्किल्स का गलत इस्तेमाल कर 'CAPTAIN M NETWORK' नाम का एक एन्क्रिप्टेड ऐप बनाया था। इसका मुख्य मकसद सुरक्षा एजेंसियों की डिजिटल सर्विलांस से बचते हुए आतंकियों के बीच सुरक्षित संचार सुनिश्चित करना और नए लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ना था।
पाकिस्तान से जुड़े तार
जांच में यह भी सामने आया है कि मकसूद सीधे तौर पर विदेशों में बैठे हैंडलर्स और पाकिस्तान स्थित हैकर्स के संपर्क में था। ग्रुप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कट्टरपंथी साहित्य फैलाने और विस्फोटक बनाने के तरीके साझा करने के लिए कर रहा था। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और UAPA की कड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, उसे आगे की पूछताछ के लिए लखनऊ लाया गया है, जहां ATS इस पूरे डिजिटल नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
