UK Crypto Tax Shock: ISAs से हटे क्रिप्टो ETNs, आम निवेशक परेशान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UK Crypto Tax Shock: ISAs से हटे क्रिप्टो ETNs, आम निवेशक परेशान
Overview

ब्रिटेन की सरकार ने क्रिप्टो में टैक्स-फ्री निवेश को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। 6 अप्रैल, 2026 से, क्रिप्टो Exchange-Traded Notes (ETNs) को अब मुख्य Stocks and Shares ISAs से हटाकर Innovative Finance ISAs (IFISAs) में डाल दिया जाएगा। इस बदलाव से आम निवेशकों के लिए डिजिटल एसेट्स (digital assets) में टैक्स-फ्री (tax-free) निवेश के मौके काफी कम हो जाएंगे।

ब्रिटेन के कर विभाग, His Majesty's Revenue and Customs (HMRC) ने क्रिप्टो Exchange-Traded Notes (ETNs) के लिए एक महत्वपूर्ण नियम बदलने का ऐलान किया है।

यह बदलाव 6 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इसके तहत, क्रिप्टो ETNs को अब मुख्य Stocks and Shares ISAs की जगह Innovative Finance ISAs (IFISAs) का हिस्सा माना जाएगा। यह कदम ब्रिटेन के आम निवेशकों के लिए डिजिटल एसेट्स (digital assets) में टैक्स-फ्री (tax-free) निवेश के अवसरों को काफी सीमित कर देगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई बड़े वित्तीय बाज़ार क्रिप्टो ETPs (Exchange Traded Products) को अपना रहे हैं और निवेशकों के लिए रास्ते खोल रहे हैं।

ISA (Individual Savings Account) की मदद से आम लोग सालाना £20,000 तक की बचत टैक्स-फ्री कर सकते हैं। लेकिन, अब क्रिप्टो ETNs केवल IFISAs में ही मान्य होंगे। खास बात यह है कि IFISAs ज़्यादातर पीयर-टू-पीयर (peer-to-peer) लेंडिंग और क्राउडफंडिंग (crowdfunding) जैसे कामों के लिए बनाए गए हैं। मुख्यधारा के बड़े निवेश प्लेटफॉर्म (investment platforms) शायद ही IFISAs की सुविधा देते हों, जबकि Stocks and Shares ISAs के लिए सैकड़ों प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं। Fidelity के निवेश प्रमुख George Bauer ने चिंता जताते हुए कहा है कि सरकार का यह तरीका 'रेगुलेटेड क्रिप्टो एसेट्स तक पहुंच की मंशा को चुनौती देता है'। उन्होंने सलाह दी है कि इस नियम पर फिर से विचार किया जाना चाहिए ताकि क्रिप्टो ETNs को ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले Stocks and Shares ISAs में शामिल रहने दिया जाए।

इस नियम के लागू होने के बाद, जिन निवेशकों ने 6 अप्रैल, 2026 से पहले Stocks and Shares ISA में क्रिप्टो ETNs में निवेश किया है, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अगर उनके निवेश प्लेटफॉर्म IFISA-अप्रूव्ड नहीं हैं, तो उन्हें या तो अपनी होल्डिंग्स को बेचना पड़ सकता है या फिर टैक्सेबल जनरल इन्वेस्टमेंट अकाउंट (taxable general investment account) में ट्रांसफर करना पड़ सकता है। इससे निवेशकों को नुकसान हो सकता है, खासकर अगर बाज़ार उस समय गिर रहा हो। इसके अलावा, IFISAs में आमतौर पर Financial Services Compensation Scheme (FSCS) का वह प्रोटेक्शन नहीं मिलता जो पारंपरिक ISAs में मिलता है। इसका मतलब है कि IFISA में निवेश किया गया पैसा प्लेटफॉर्म के फेल होने की स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जाता।

HMRC ने संकेत दिया है कि वे 'टैक्स-एडवांटेज्ड अकाउंट्स में क्रिप्टो ETNs के समावेश की समीक्षा करते रहेंगे'। इससे भविष्य में बाज़ार के परिपक्व होने पर इन्हें फिर से Stocks and Shares ISAs में शामिल किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल यह नियम खुदरा निवेशकों (retail investors) के लिए एक बड़ी बाधा है। उद्योग जगत ने इस कदम को 'एक चूकी हुई बड़ी संधी' (missed opportunity) करार दिया है।

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