ब्रिटेन की सरकार ने ब्रिटिश स्टील (British Steel) का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसका मुख्य मकसद घरेलू उत्पादन क्षमता को बनाए रखना और स्कनथॉर्प (Scunthorpe) प्लांट में काम कर रहे करीब 2,700 कर्मचारियों की नौकरियों को बचाना है। यह कदम तब उठाया गया जब पूर्व मालिक जिंगये ग्रुप (Jingye Group) द्वारा देश के आखिरी वर्जिन स्टील ब्लास्ट फर्नेस को बंद करने की आशंका जताई जा रही थी।
स्कनथॉर्प प्लांट क्यों है अहम?
यूनाइटेड किंगडम (UK) सरकार ने ब्रिटिश स्टील को अपने कब्जे में ले लिया है, जो देश के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। यह फैसला स्कनथॉर्प स्थित स्टील वर्क्स को बचाने के लिए लिया गया है। यह प्लांट इसलिए खास है क्योंकि यहां यूके के आखिरी ब्लास्ट फर्नेस हैं जो कच्चे माल से सीधे वर्जिन स्टील का उत्पादन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया स्क्रैप मेटल को रीसायकल करने से अलग है।
यह प्लांट 130 साल से भी ज़्यादा समय से काम कर रहा है और रक्षा (Defense) व बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे घरेलू उद्योगों के लिए स्टील का एक मुख्य सप्लायर है। सरकार का यह राष्ट्रीयकरण का फैसला ऐसे समय में आया है जब प्लांट के संचालन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। पिछले साल भी यूके सरकार को इसमें दखल देना पड़ा था, जब Jingye Group, जिसने 2020 में कंपनी को £1.2 बिलियन से ज़्यादा में खरीदा था, ने इन महत्वपूर्ण फर्नेस को बंद करने पर विचार करने की बात कही थी। इस राष्ट्रीयकरण से करीब 2,700 कर्मचारियों की नौकरियां सुरक्षित हो गई हैं।
आगे की रणनीति
बिजनेस सेक्रेटरी पीटर काइल (Peter Kyle) ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बिजनेस को स्थिर करना और उत्पादन के स्तर को बनाए रखना है। इसके अलावा, सरकार इस प्लांट को भविष्य में ज़्यादा सस्टेनेबल (Sustainable) और डीकार्बोनाइज्ड (Decarbonized) स्टील बनाने की ओर ले जाने की योजना बना रही है। Jingye Group को कोई वित्तीय मुआवजा (Compensation) देना है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र मूल्यांकन (Independent Assessment) किया जाएगा।
वैश्विक स्टील इंडस्ट्री पर नज़र रखने वालों के लिए, यह घटना इस बात का संकेत है कि सरकारें कैसे अपने रणनीतिक घरेलू सप्लाई चेन को बचाने के लिए दखल दे रही हैं। निजी स्वामित्व से हटना इस बात की चिंता को दर्शाता है कि ऊंची लागत वाले पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस स्टील उत्पादन की दीर्घकालिक व्यवहार्यता (Long-term Viability) वैश्विक मूल्य प्रतिस्पर्धा (Global Price Competition) और कड़े कार्बन उत्सर्जन नियमों (Carbon Emission Mandates) के सामने क्या होगी।
वैश्विक स्टील सेक्टर के निवेशकों को इस बदलाव से क्षेत्रीय स्टील की कीमतों और सप्लाई पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखनी चाहिए। आने वाले महीनों में, सरकार की स्कनथॉर्प साइट को डीकार्बोनाइज करने की प्रगति पर ध्यान देना होगा, क्योंकि इन पुराने ब्लास्ट फर्नेस को ग्रीन टेक्नोलॉजी में अपग्रेड करने की लागत काफी ज़्यादा हो सकती है। मुआवज़े के मूल्यांकन का नतीजा भी इस अधिग्रहण से जुड़े भविष्य के कानूनी या वित्तीय प्रभावों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट होगा।
