UGRO Capital Limited के Q3 FY26 के फाइनेंशियल्स (Financials) में आय (Revenue) बढ़ने के बावजूद मुनाफे (Profit) में बड़ी गिरावट दिखी है। कंपनी ने तिमाही में 10.18% की ग्रोथ के साथ ₹40,888.47 लाख का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं, पिछले साल की समान तिमाही में ₹3,750.50 लाख के मुकाबले इस बार स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹637.58 लाख पर आ गया, जो 82.98% की गिरावट है। नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 19.05% और कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14.05% घटा है। हालांकि, नौ महीनों में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 38.76% बढ़कर ₹1,33,049.06 लाख हो गया।
मुनाफे में इस बड़ी गिरावट की वजहों पर गौर करें तो कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले साल के ₹16,730.79 लाख से बढ़कर इस तिमाही में ₹23,655.15 लाख हो गई। साथ ही, फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इंपेयरमेंट (Impairment on financial instruments) भी ₹4,127.94 लाख से बढ़कर ₹5,997.12 लाख हो गया। 'अन्य आय' (Other Income) में बड़ी उछाल ₹3,945.27 लाख की रही, लेकिन यह इन बढ़ते खर्चों की भरपाई नहीं कर सकी।
एक अहम डेवलपमेंट यह है कि UGRO Capital ने Profectus Capital Private Limited (PCPL) के अधिग्रहण को ₹1,39,860 लाख में 8 दिसंबर 2025 को पूरा कर लिया है। अब PCPL कंपनी की 100% सब्सिडियरी है। जनवरी 2026 में बोर्ड ने इसके UGRO Capital के साथ मर्जर (Amalgamation) को भी मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को बढ़ावा मिलने और अपनी पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।
बैलेंस शीट (Balance Sheet) की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का स्टैंडअलोन नेट वर्थ (Net Worth) बढ़कर ₹2,79,922.33 लाख हो गया। स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 3.23 रहा। एसेट क्वालिटी इंडिकेटर्स (Asset Quality Indicators) के मुताबिक, ग्रॉस स्टेज 3 लोन 3.68% और नेट स्टेज 3 लोन 2.23% थे। वहीं, कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेश्यो (CAR) 20.78% पर मजबूत बना हुआ है।
जोखिम और आगे की राह:
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा कंसर्न मुनाफे में आई यह भारी गिरावट है। कंपनी को अपने खर्चों, फाइनेंस कॉस्ट और इंपेयरमेंट प्रोविजनिंग पर कड़ी नजर रखनी होगी। PCPL के इंटीग्रेशन (Integration) की सफलता और उसके वित्तीय सेहत पर पड़ने वाले असर को बारीकी से देखना होगा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) और एसेट क्वालिटी पर दबाव बने रहने की आशंका है। आने वाले क्वार्टर्स में PCPL के अधिग्रहण का UGRO Capital के AUM ग्रोथ, NIMs और कुल मुनाफे पर क्या असर पड़ता है, यह देखना अहम होगा। मैनेजमेंट की कॉस्ट कंट्रोल और एसेट क्वालिटी मैनेजमेंट की रणनीति निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।