Turtlemint Fintech IPO: दूसरे दिन 48% सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट में धीमी चाल!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Turtlemint Fintech IPO: दूसरे दिन 48% सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट में धीमी चाल!

Turtlemint Fintech Solutions का ₹883 करोड़ का IPO दूसरे दिन 48% सब्सक्राइब हुआ। QIBs ने दिखाई दिलचस्पी, लेकिन रिटेल निवेशकों का रुझान अभी भी धीमा है, जिसका असर ग्रे मार्केट प्रीमियम पर भी दिख रहा है। निवेशक कंपनी की मुनाफा कमाने की राह पर खास नजर रख रहे हैं।

क्या हुआ?

Turtlemint Fintech Solutions का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) दूसरे दिन के अंत तक 48% सब्सक्राइब हो गया। ₹882.67 करोड़ के इस इश्यू में बोलियां 19 जून, 2026 से शुरू हुई थीं, और निवेशकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिन्होंने अपने लिए रिजर्व रखे पोर्शन का 73% सब्सक्राइब किया। वहीं, रिटेल निवेशकों ने सिर्फ 0.46 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने सिर्फ 0.02 गुना ही सब्सक्राइब किया।

ग्रे मार्केट का संकेत

लिस्टिंग को लेकर मार्केट का सेंटिमेंट अभी थोड़ा सतर्क दिख रहा है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) - जो लिस्टिंग पर शेयर के प्रदर्शन का एक अनौपचारिक संकेतक है - ₹0.50 तक गिर गया है। ₹152 के अपर प्राइस बैंड पर 1% से भी कम का यह प्रीमियम बताता है कि निवेशक फिलहाल बड़ी लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹144 से ₹152 प्रति शेयर के बीच तय किया गया है।

बिजनेस मॉडल और फाइनेंस

Turtlemint एक टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी डिजिटल पार्टनर्स, जिनमें पॉइंट-ऑफ-सेल पर्सन्स (PoSPs) भी शामिल हैं, के नेटवर्क के जरिए ग्राहकों और इंश्योरर्स को जोड़ती है। यह टॉप 30 शहरों (B30+) से बाहर भी अपनी सेवाएं देती है।

फाइनेंशियल के लिहाज़ से, कंपनी ने तेजी से विस्तार किया है, दिसंबर 2025 तक 6.3 लाख से ज्यादा डिजिटल पार्टनर्स का नेटवर्क बना लिया है। हालांकि, यह बिजनेस अभी प्रॉफिट में नहीं है। कई हाई-ग्रोथ फिनटेक फर्मों की तरह, यह लगातार घाटा और हाई कैश आउटफ्लो रिपोर्ट कर रही है, जो संभावित शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं। IPO में ₹660.72 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसे कंपनी अपने ऑपरेशंस और ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ₹221.95 करोड़ का ऑफर फॉर सेल भी है।

मुख्य जोखिम

निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी पार्टनर एक्विजिशन और कमीशन कॉस्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जो कुल खर्चों के मुकाबले काफी ज्यादा बनी हुई है। इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन स्पेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी है, जहां स्थापित कंपनियां और नए टेक-आधारित एंटिटी मार्केट शेयर के लिए जोर लगा रही हैं। चूंकि कंपनी वर्तमान में घाटे में चल रही है, इसलिए प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो जैसे पारंपरिक वैल्यूएशन मेट्रिक्स लागू नहीं होते। इसके बजाय, निवेशक बिजनेस के ग्रोथ, स्केल और समय के साथ अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर बनाने की क्षमता के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं।

आगे क्या देखें?

सब्सक्रिप्शन विंडो 23 जून, 2026 को बंद हो जाएगी। निवेशक कुल मांग का अंदाजा लगाने के लिए फाइनल सब्सक्रिप्शन नंबरों पर नजर रखेंगे, खासकर NII और रिटेल कैटेगरी में। इसके बाद, फोकस अलॉटमेंट प्रोसेस पर जाएगा, जो 24 जून, 2026 को होने की उम्मीद है। स्टॉक के 29 जून, 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषक बारीकी से नजर रखेंगे कि आखिरी दिन इंस्टीट्यूशनल बिडिंग में उछाल आता है या सेंटिमेंट धीमा ही रहता है।

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