पिछले 12 महीनों में 10 कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जो **87%** से **93%** तक रही। Mapro Industries और Parsvnath Developers जैसी कंपनियों के निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है, जो स्मॉल-कैप शेयरों की अत्यधिक अस्थिरता (volatility) को दर्शाता है।
शेयर बाजार में तगड़ा झटका!
भारतीय शेयर बाजार में पिछले एक साल में कई छोटी कंपनियों के लिए बुरे दिन रहे हैं। दस ऐसी कंपनियों के शेयरों के भाव 87% से लेकर 93% तक गिर गए हैं, जिससे निवेशकों की दौलत में भारी कमी आई है।
Mapro Industries और Parsvnath Developers की हालत
इस लिस्ट में सबसे खराब प्रदर्शन Mapro Industries का रहा, जिसके शेयर 92.98% गिरे। 11 जुलाई 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹649 करोड़ था और शेयर ₹27.80 के आसपास ट्रेड कर रहे थे।
Mapro के बाद Parsvnath Developers और Rajeshwari Cans के शेयर भी लगभग 91.2% गिरे। Parsvnath Developers का मार्केट कैप करीब ₹101.8 करोड़ है और शेयर ₹2.34 पर हैं, जबकि Rajeshwari Cans का वैल्यूएशन ₹16.9 करोड़ और शेयर ₹16.11 पर है।
अन्य कंपनियों में भी भारी गिरावट
Aayush Wellness के शेयर 89.24% गिरकर ₹25.55 पर आ गए, जिनका मार्केट कैप ₹124.4 करोड़ है। Ambo Agritec के शेयर 88.79% घटकर ₹10.75 और Laddu Gopal Online Services के शेयर 88.54% गिरकर ₹0.40 पर पहुंच गए।
इसके अलावा Shree Krishna, Worth Investment, Pulsar International और Lords Mark Industries के शेयरों में भी 87.4% से 88.44% तक की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। खास बात यह है कि Lords Mark Industries का मार्केट कैप ₹2,687.6 करोड़ और शेयर ₹63 के भाव पर है, जो लिस्ट की बाकी कंपनियों से काफी बड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
ऐसी बड़ी गिरावटें अक्सर छोटी मार्केट कैप वाली कंपनियों में देखी जाती हैं, जिनमें लिक्विडिटी (liquidity) कम होती है और वे ज्यादा वोलेटाइल (volatile) होती हैं। निवेशक ऐसे शेयरों में गिरावट के कारणों को समझने के लिए कंपनी के कर्ज, कैश फ्लो और बिजनेस फंडामेंटल्स पर गौर करते हैं। इन कंपनियों के लिए आगे के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की घोषणाओं पर नजर रखनी होगी।
