कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट में हुई भारी धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की है।
कांग्रेस नेता Shashi Tharoor ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए हैं। तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के मौजूदा रिवीज़न प्रोसेस में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, जिसके चलते कई लोगों को मतदान प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा है।
आंकड़ों से उठे सवाल
Tharoor ने पश्चिम बंगाल का हवाला देते हुए दावा किया कि हालिया विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की वोटर लिस्ट से लगभग 90 लाख नाम हटा दिए गए थे। उन्होंने बताया कि दाखिल की गई 82,000 अपीलों में से 91% को स्वीकार किया गया, जो इस बात का सबूत है कि नाम हटाने की प्रक्रिया में बड़ी प्रशासनिक चूक हुई है।
फॉर्म 6 और फॉर्म 7 का विवाद
केवल आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के तौर-तरीकों पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। Tharoor ने वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 को हटाने और आपत्ति दर्ज करने वाले फॉर्म 7 की संख्या में अचानक आई तेजी पर चिंता जताई है। साथ ही, उन्होंने 2002 के डेटा को रिवीज़न का आधार बनाने के फैसले को भी अजीब बताया है।
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही के इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
