Tencent Holdings ने Swiggy में अपनी पूरी 1.96% हिस्सेदारी को ₹982 करोड़ में बेच दिया है। इस बड़ी बिकवाली का असर शेयर पर दिखा और यह 4.67% तक लुढ़क गया, हालांकि बड़ी संस्थागत कंपनियों ने तुरंत ही इन शेयरों को खरीद लिया।
ब्लॉक डील का गणित
Tencent Holdings ने अपनी सब्सिडियरी Tencent Cloud Europe B.V. के जरिए Swiggy से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया है। 30 अक्टूबर को हुई इस ब्लॉक डील में कंपनी ने 1.96% हिस्सेदारी को ₹180.65 के भाव पर बेचा। इस डील की कुल वैल्यू ₹981.79 करोड़ रही।
बाजार का रिएक्शन
इस बिकवाली की खबर आते ही Swiggy के शेयर पर दबाव दिखा और यह 4.67% गिरकर ₹176.60 पर बंद हुआ। शेयर बाजार में जब भी इतनी बड़ी मात्रा में सप्लाई आती है, तो डिमांड-सप्लाई का संतुलन बिगड़ने से कीमतों में अस्थाई गिरावट आना स्वाभाविक है।
किसने खरीदे शेयर?
दिलचस्प बात यह है कि Tencent के बाहर निकलने के बावजूद मार्केट में भारी डिमांड दिखी। कुल 5.43 करोड़ शेयरों को बड़े ग्लोबल और घरेलू निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया। सबसे बड़ा हिस्सा Societe Generale ने खरीदा, जिसने ₹428.86 करोड़ के शेयर अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए। इसके अलावा Goldman Sachs, Morgan Stanley, Aditya Birla Sun Life Mutual Fund और Nippon India Mutual Fund जैसे बड़े नामों ने भी हिस्सेदारी उठाई।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
प्री-आईपीओ निवेशकों का लॉक-इन खत्म होने के बाद मुनाफावसूली करना एक सामान्य प्रक्रिया है। इस डील की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि शेयर बिकने के बाद बाजार ने इसे आसानी से एब्जॉर्ब कर लिया, जो कंपनी के प्रति संस्थागत निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
आने वाले समय में, निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़ों और Zomato के साथ कॉम्पिटिशन पर नजर रखनी होगी। खासतौर पर क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेगमेंट में कंपनी का परफॉर्मेंस ही लंबी अवधि में शेयर की दिशा तय करेगा।
