Tempsens Instruments IPO: निवेशकों की बंपर मांग! दूसरे दिन ही सबस्क्रिप्शन 6 गुना पार, GMP दे रहा 90% तक मुनाफे का संकेत

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AuthorMehul Desai|Published at:
Tempsens Instruments IPO: निवेशकों की बंपर मांग! दूसरे दिन ही सबस्क्रिप्शन 6 गुना पार, GMP दे रहा 90% तक मुनाफे का संकेत

Tempsens Instruments का ₹650 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच धूम मचा रहा है। IPO के दूसरे दिन बोली **5.9 गुना** से ज़्यादा सब्सक्राइब हो चुकी है। ग्रे मार्केट (Grey Market) से मिल रहे संकेतों की मानें तो लिस्टिंग पर **90%** तक का तगड़ा मुनाफा मिल सकता है, लेकिन यह सिर्फ एक अनुमान है।

IPO में क्यों लगी भीड़?

20 अगस्त को खुला Tempsens Instruments (India) का IPO 21 अगस्त को दोपहर तक 5.9 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली इस कंपनी में रिटेल और इंस्टीटूशनल दोनों तरह के निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

IPO की पूरी डिटेल्स

यह IPO कुल ₹650 करोड़ का है, जिसमें ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने इलेक्ट्रिकल हीटिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बिजनेस के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में करेगी और कुछ कर्ज़ भी चुकाएगी।

ग्रे मार्केट का गेम?

ग्रे मार्केट में इस IPO को लेकर ज़बरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। खबर है कि शेयर ₹270 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो अपर प्राइस बैंड ₹300 के हिसाब से लिस्टिंग पर 90% तक के मुनाफे का संकेत दे रहा है। हालांकि, यह याद रखना ज़रूरी है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम पूरी तरह से अनऑफिशियल और सट्टा होता है, और लिस्टिंग वाले दिन असल परफॉरमेंस की कोई गारंटी नहीं होती।

कंपनी की सेहत और रिस्क

Tempsens Instruments का FY26 में रेवेन्यू ₹444.88 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹71.07 करोड़ रहा। कंपनी का तापमान सेंसर सेगमेंट में करीब 10.5% मार्केट शेयर है। लेकिन, कंपनी का ज़्यादातर रेवेन्यू मेटल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर से आता है, जिससे यह बिजनेस इंडस्ट्री के साइक्लिकल उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है।

इसके अलावा, कंपनी को मेटल जैसी कच्ची धातुओं की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी सामना करना पड़ सकता है। IPO का प्राइस बैंड ₹285-₹300 रखा गया है, जो FY26 की कमाई के हिसाब से 35 से 37 गुना वैल्यूएशन पर है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि यह वैल्यूएशन काफी महंगा है और बाज़ार पहले से ही ग्रोथ की उम्मीदों को इसमें शामिल कर चुका है।

कब तक खुला है IPO?

यह IPO 24 अगस्त को बंद हो जाएगा। इसके बाद अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी और शेयर 28 अगस्त 2026 तक BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.