सिंगापुर की सॉवरेन वेल्थ फंड Temasek ने Lenskart में अपनी हिस्सेदारी का 2% हिस्सा बेच दिया है। यह डील करीब ₹1,945 करोड़ की है। यह कदम तब आया है जब कंपनी के IPO लॉक-इन पीरियड की अवधि मई में खत्म हो गई थी।
Temasek की Lenskart से हिस्सेदारी में कटौती
सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड Temasek ने भारतीय आईवियर कंपनी Lenskart में अपनी हिस्सेदारी 2% कम कर दी है। कंपनी ने ओपन मार्केट में शेयर बेचकर यह 2% हिस्सेदारी बेची है, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹1,945 करोड़ है। इस बिक्री के बाद, Lenskart में Temasek की कुल हिस्सेदारी घटकर 4.75% रह गई है, जो पहले 6.8% थी। यह ट्रांजेक्शन 10 जुलाई को हुआ।
IPO लॉक-इन अवधि का असर
Lenskart नवंबर 2025 में पब्लिक हुई थी। प्री-IPO निवेशकों के लिए अनिवार्य 6 महीने की लॉक-इन अवधि 8 मई 2026 को समाप्त हो गई। यह समय सीमा शुरुआती निवेशकों को अपने शेयर ओपन मार्केट में बेचने की अनुमति देती है। हाल की गतिविधियाँ बताती हैं कि कई बड़े संस्थागत निवेशक अब अपने निवेश से मुनाफा कमा रहे हैं।
संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली का ट्रेंड
Temasek का यह कदम बड़े शेयरधारकों द्वारा महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बेचने के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है। Temasek की बिक्री से ठीक पहले, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) ने ₹1,944 करोड़ के शेयर बेचे थे। इसके अलावा, जापानी समूह SoftBank ने भी ₹2,873 करोड़ की ब्लॉक डील की थी। इन लगातार बिकवाली से पता चलता है कि जिन संस्थागत निवेशकों ने शुरुआती फंडिंग राउंड में निवेश किया था, वे कंपनी की लिस्टिंग के बाद अब मुनाफा कमा रहे हैं।
निवेशकों को क्या ध्यान देना चाहिए?
रिटेल निवेशकों के लिए, यह चिंता का विषय हो सकता है कि जब कई बड़े शेयरधारक शेयर बेचते हैं, तो बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है। जब बड़े संस्थागत निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो यह अल्पावधि में स्टॉक की कीमत पर दबाव डाल सकता है। Temasek द्वारा शेयर बेचने वाले दिन Lenskart का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ₹543.65 पर बंद हुआ था।
आगे चलकर, निवेशकों के लिए यह ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने शेयरधारिता ढांचे में इन बदलावों के बीच अपनी ग्रोथ की गति और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने में कितनी सफल रहती है। निवेशक अन्य शुरुआती चरण के निवेशकों द्वारा अतिरिक्त हिस्सेदारी बिक्री की किसी भी और घोषणा पर भी नज़र रख सकते हैं, क्योंकि ये आने वाले महीनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम और स्टॉक मूल्य अस्थिरता को प्रभावित करते रहेंगे।
