Telangana सरकार ने Kaleshwaram प्रोजेक्ट के Medigadda, Annaram और Sundilla बैराजों की मरम्मत का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि **2027** के मॉनसून से पहले इन बैराजों को पूरी तरह से चालू कर दिया जाए।
मरम्मत का रोडमैप
तेलंगाना सरकार ने Kaleshwaram प्रोजेक्ट की खामियों को दूर करने के लिए एक व्यापक पुनर्वास रणनीति तैयार की है। अक्टूबर 2023 में Medigadda सुविधा के पियर्स धंसने के बाद, अब सरकार नवंबर 2026 से बड़े पैमाने पर काम शुरू करने की तैयारी कर रही है। नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (National Dam Safety Authority) द्वारा डिजाइन में खामियां पाए जाने के बाद, सरकार ने अब पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का फैसला किया है।
तकनीकी मंजूरी और ऑडिट
अगले महीने यानी 5 अक्टूबर को राज्य सरकार सेंट्रल वाटर कमीशन (Central Water Commission) को नए ब्लूप्रिंट सौंपेगी। इसके बाद पुणे स्थित सेंट्रल वाटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन में इनकी वैज्ञानिक टेस्टिंग की जाएगी। मरम्मत कार्यों में मुख्य रूप से फाउंडेशन को मजबूत करना, नई कट-ऑफ दीवारें बनाना और पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए स्टिलिंग बेसिन का विस्तार शामिल है।
इंफ्रा सेक्टर के लिए मायने
यह प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब हर स्तर पर इंडिपेंडेंट क्वालिटी ऑडिट अनिवार्य होगा। इस कड़े निगरानी तंत्र का असर आने वाले टेंडर्स पर पड़ेगा। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि आगामी कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड्स और सरकार का बढ़ता कैपिटल खर्च, कंस्ट्रक्शन कंपनियों के मार्जिन और उनके भविष्य के कामकाज को किस तरह प्रभावित करेगा।
