AIMIM ने अपने MLC मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाल दिया है और उन्हें तेलंगाना विधान परिषद से इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। जहाँ पार्टी ने कोई ठोस वजह नहीं बताई है, वहीं BJP नेता एन. रामचंद्र राव ने इसे यौन उत्पीड़न के आरोपों से जोड़ा है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें तेलंगाना विधान परिषद की अपनी सीट छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है। इस अचानक हुए फैसले के बाद हैदराबाद की राजनीति में हलचल मच गई है, क्योंकि पार्टी ने इस निष्कासन के पीछे का स्पष्ट कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है।
BJP का बड़ा हमला
तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने शनिवार को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का यह फैसला एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के जवाब में लिया गया है। BJP ने अब राज्य सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने उन अन्य राजनीतिक संगठनों पर भी सवाल उठाए हैं, जिन्होंने पहले मिर्जा रहमत बेग की उम्मीदवारी का समर्थन किया था।
बेग की सफाई और कानूनी दांव-पेच
निष्कासन से पहले, मिर्जा रहमत बेग ने 27 अगस्त, 2026 को हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग उनसे पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें मॉर्फ्ड (morphed) तस्वीरें व डीपफेक वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे हैं।
आगे की स्थिति
फिलहाल, यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, विधान परिषद के अध्यक्ष को बेग का कोई इस्तीफा अभी तक नहीं मिला है। अब सबकी निगाहें पुलिस की साइबर क्राइम जांच और इन आरोपों की सत्यता पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर बनी हुई हैं।
