तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा है। यह मामला पार्कल सीट पर MLA रेवुरी प्रकाश रेड्डी के समर्थन को लेकर गरमाया है। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना के संबंध में मंत्री सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह राज्य सरकार के भीतर का एक राजनीतिक घटनाक्रम है और इसमें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी या वित्तीय बाजारों का कोई लेना-देना नहीं है।
तेलंगाना कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। राज्य की वन एवं देवस्थान मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी, कोंडा सुष्मिता, ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ एक सार्वजनिक बयानबाजी की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ने पार्कल विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को फिर से समर्थन देने का ऐलान किया, जबकि सुष्मिता खुद भी उसी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रेवुरी प्रकाश रेड्डी के लिए वोट मांगते हुए उन्हें भारी बहुमत से जिताने की अपील की। सुष्मिता, जो पार्कल को अपनी राजनीतिक ज़मीन मानती हैं, ने मुख्यमंत्री के इस फैसले और नेतृत्व पर सवाल उठाए। बात तब और बिगड़ गई जब सुष्मिता ने मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिसमें राज्य की लगभग ₹200 करोड़ की ज़मीन के एक सौदे का ज़िक्र किया गया।
इन बयानों के जवाब में, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने मंत्री कोंडा सुरेखा को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी नेतृत्व ने उनसे उनकी बेटी की टिप्पणियों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है, जिसने राज्य कांग्रेस इकाई में आंतरिक दरार पैदा कर दी है।
निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह पूरी तरह से एक राजनीतिक घटना है। इसमें किसी भी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है, और इस विवाद से कोई सीधा वित्तीय या शेयर बाजार प्रभाव नहीं जुड़ा है। हालांकि आंतरिक राजनीतिक विकास कभी-कभी क्षेत्रीय भावना या राज्य-स्तरीय नीति कार्यान्वयन को प्रभावित कर सकते हैं, यह विशेष घटना एक आंतरिक पार्टी विवाद मानी जाती है।
कोंडा परिवार का इस क्षेत्र में राजनीतिक जुड़ाव रहा है, और अक्टूबर 2025 में भी एक अलग कानूनी मुद्दे को लेकर परिवार और राज्य नेतृत्व के बीच तनाव की खबरें आई थीं। भविष्य में, मंत्री कोंडा सुरेखा से कारण बताओ नोटिस पर मिलने वाली औपचारिक प्रतिक्रिया और पार्टी की अनुशासन समिति के किसी भी अगले फैसले पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा, जो यह दर्शाएगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस आंतरिक अशांति से कैसे निपटना चाहता है।
