टेक कंपनियां अब वर्चुअल इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों को 'आंखें बंद करके सवाल' (Eyes-Closed Question - ECQ) पूछ रही हैं, ताकि वे AI टूल्स का इस्तेमाल न कर सकें। यह नया तरीका इस बात को उजागर करता है कि टेक फर्म्स AI-जनित जॉब एप्लीकेशन की भारी भीड़ से कैसे जूझ रही हैं और असली टैलेंट की पहचान करने में उन्हें कितनी मुश्किल हो रही है।
AI चीटिंग पर नकेल कसने की अनोखी कोशिश
टेक सेक्टर में हायरिंग का एक नया और अनोखा तरीका सामने आया है। कंपनियां अब वर्चुअल इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से स्क्रीन-शेयरिंग बंद करने और 'आंखें बंद करके' सवालों के जवाब देने को कह रही हैं। इसे 'Eyes-Closed Question' (ECQ) कहा जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार खुद जवाब दे रहे हैं, न कि किसी स्क्रिप्ट को पढ़कर या ChatGPT या Claude जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करके।
AI-जनित एप्लीकेशन की बाढ़
यह तरीका कई टेक कंपनियों के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती के कारण अपनाया जा रहा है: AI-जनित जॉब एप्लीकेशन का विस्फोट। रिक्रूटमेंट टीमों को उम्मीदवारों की भारी संख्या से निपटने में कठिनाई हो रही है। कुछ मामलों में, कंपनियों को एक ही पद के लिए 4,800 तक एप्लीकेशन मिले हैं, जिनमें से कई AI द्वारा जनरेटेड लग रहे हैं। इस वजह से छंटनी की प्रक्रिया बहुत ज्यादा समय लेने वाली हो गई है, जिससे कंपनियों को ऑटोमेटेड या कम मेहनत वाले सबमिशन को छांटने के लिए कड़े, हालांकि असामान्य, उपाय अपनाने पड़ रहे हैं।
बिजनेस पर क्या असर?
व्यावसायिक दृष्टिकोण से, यह AI के युग में हायरिंग से जुड़ी बढ़ती लागतों और अक्षमताओं को दर्शाता है। जब बड़ी संख्या में एप्लीकेशन AI द्वारा जनरेट होते हैं, तो HR विभागों को अयोग्य उम्मीदवारों की समीक्षा में अत्यधिक समय बिताना पड़ता है। इस प्रशासनिक दबाव के कारण कंपनियां नए असेसमेंट मॉडल आजमा रही हैं, जैसे GitHub पर कोडिंग टेस्ट या इंडस्ट्री इवेंट्स से सीधे उम्मीदवार ढूंढना, बजाय पारंपरिक एप्लीकेशन पूल पर निर्भर रहने के।
आलोचना और चिंताएं
हालांकि, ECQ तरीके की नौकरी चाहने वालों और कुछ इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स दोनों ने आलोचना की है। आलोचकों का तर्क है कि बिना विजुअल एड्स या स्क्रीन एक्सेस के उम्मीदवारों को जटिल तकनीकी सवालों के जवाब देने के लिए मजबूर करना उनके कौशल को सही ढंग से नहीं माप सकता है। इस बात की भी चिंता है कि ऐसे तरीके टॉप टैलेंट को दूर कर सकते हैं, जिन्हें यह प्रक्रिया दखल देने वाली या अव्यवसायिक लग सकती है, जिससे वे पूरी तरह से भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।
भविष्य की राह
निवेशकों और कंपनियों के लिए, यह ट्रेंड मानव पूंजी प्रबंधन से जुड़े एक व्यापक मुद्दे को दर्शाता है। जैसे-जैसे AI काम करने के तरीके को बदल रहा है, कंपनियों के लिए यह चुनौती है कि वे ऐसे मजबूत सिस्टम बनाएं जो योग्य व्यक्तियों को हतोत्साहित करने वाले अवरोध पैदा किए बिना वास्तविक प्रतिभा की पहचान कर सकें। कुशल हायरिंग की आवश्यकता और उम्मीदवार मूल्यांकन के उच्च मानकों को बनाए रखने की जरूरत को संतुलित करने की कोशिश करते हुए, अधिक सत्यापन योग्य, हैंड्स-ऑन असेसमेंट विधियों की ओर बदलाव जारी रहने की संभावना है।
