TeamLease Services: 27,000 लोगों की छंटनी के बावजूद EBITDA में **22%** की ज़बरदस्त ग्रोथ!

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
TeamLease Services: 27,000 लोगों की छंटनी के बावजूद EBITDA में **22%** की ज़बरदस्त ग्रोथ!
Overview

TeamLease Services ने Q3 FY26 में **22%** की शानदार EBITDA ग्रोथ दर्ज की है, जो कि ₹42.5 करोड़ रही। हालांकि, एक बड़े NBFC क्लाइंट द्वारा रेगुलेटरी कारणों से इनसोर्सिंग (Insourcing) के चलते कंपनी को लगभग **27,000** एसोसिएट्स की छंटनी (Headcount Reduction) करनी पड़ी।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Q3 FY26 में TeamLease Services का रेवेन्यू (Revenue) पिछली तिमाही के मुकाबले फ्लैट रहा, लेकिन साल-दर-साल (YoY) 4% बढ़ा। वहीं, कंपनी ने 22% YoY की ज़बरदस्त EBITDA ग्रोथ दर्ज की, जो ₹42.5 करोड़ पर पहुंच गया। पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले EBITDA में 11% का उछाल आया।

प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ने तो 69% QoQ की छलांग लगाई, जिसका मुख्य कारण टैक्स रिफंड पर मिला ब्याज (Interest Credit) था। इस एकमुश्त (One-off) लाभ को हटा भी दें, तो भी PBT में 10% QoQ और 16% YoY की ग्रोथ दर्ज हुई। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 50% YoY और 53% QoQ की ग्रोथ के साथ यह ₹42.5 करोड़ रहा। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 49% YoY की बढ़त के साथ ₹25.30 हो गया।

EBITDA मार्जिन भी Q2 FY26 के 1.27% से सुधरकर Q3 FY26 में 1.41% हो गया, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।

हेडकाउंट में भारी कमी का कारण

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक प्रमुख NBFC क्लाइंट द्वारा रेगुलेटरी बदलावों के चलते अपनी एम्प्लॉई को वापस इनसोर्स (Insourcing) करना रहा। इस वजह से, कंपनी को लगभग 27,000 एसोसिएट्स की छंटनी करनी पड़ी, जिसका असर मुख्य रूप से जनरल स्टाफिंग (General Staffing) और डिग्री अप्रेंटिसशिप (Degree Apprenticeship) बिज़नेस पर पड़ा। इसके अलावा, नए लेबर कोड (Labor Code) के अनुपालन के लिए कंपनी ने ₹5.7 करोड़ का प्रोविजन (Provision) भी बुक किया है।

इन चुनौतियों के बावजूद, TeamLease ने तिमाही के दौरान 107 नए क्लाइंट्स जोड़ने में सफलता हासिल की, जो बिज़नेस डेवलपमेंट की मज़बूती को दिखाता है।

मैनेजमेंट का नज़रिया और भविष्य की रणनीति

कंपनी का मैनेजमेंट इस बात पर भरोसा जता रहा है कि हेडकाउंट में हुई कमी का पूरा असर Q1 FY27 तक संभाला जाएगा। उम्मीद है कि Q4 FY26 से ही हेडकाउंट में धीरे-धीरे रिकवरी शुरू हो जाएगी।

भविष्य में, TeamLease लागत में कटौती (Cost Optimization) और डिजिटलीकरण (Digitization) पर ज़ोर देकर अपने ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) को बढ़ाने और मार्जिन में और सुधार लाने की योजना बना रही है।

कंपनी ने TSR (एंटरप्राइज पेरोल सर्विसेज) और Crystal HR (SaaS पेरोल प्लेटफॉर्म) जैसी कंपनियों का अधिग्रहण (Acquisition) करके अपने सर्विस पोर्टफोलियो को मज़बूत किया है। साथ ही, नए B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) ऑफरिंग्स भी लॉन्च किए जा रहे हैं, जो कंपनी के विस्तार की मंशा को दर्शाते हैं।

नए CEO, Suparna Mitra की नियुक्ति को भविष्य की ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। उनकी अगुवाई में, कंपनी B2C रेवेन्यू को बढ़ाने, मार्जिन बेहतर करने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

वित्तीय स्थिति और आगे की राह

TeamLease के पास ₹430 करोड़ का फ्री कैश (Free Cash) और ₹250 करोड़ का इनकम टैक्स रिसीवेबल्स (Income Tax Receivables) है, जो कंपनी की वित्तीय मज़बूती को दर्शाते हैं।

कुल मिलाकर, रेवेन्यू ग्रोथ में थोड़ी नरमी के बावजूद, 22% की EBITDA ग्रोथ ने कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को उजागर किया है। अधिग्रहणों और नई डायरेक्ट-टू-एसोसिएट सेवाओं के ज़रिए विस्तार करते हुए, TeamLease का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य मार्जिन बढ़ाना, B2C और प्रोडक्ट ऑफरिंग्स का विस्तार करना और टेक्नोलॉजी को अपनाना है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.