Tata UniStore, जो Tata Cliq का संचालन करती है, ने वित्त वर्ष 2026 में अपने नेट लॉस को घटाकर **₹253 करोड़** कर लिया है। कंपनी का रेवेन्यू **20%** बढ़कर **₹354 करोड़** हो गया है, जिसका बड़ा श्रेय लक्ज़री सेगमेंट के शानदार प्रदर्शन को जाता है। हालांकि, कुल घाटा अभी भी **₹3,931 करोड़** है, जो ई-कॉमर्स बाजार में कड़ी चुनौती को दर्शाता है।
Tata UniStore Limited ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल ₹314 करोड़ के मुकाबले इस बार घाटा कम होकर ₹253 करोड़ पर आ गया है। कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹354 करोड़ तक पहुंच गई है।
लक्ज़री सेगमेंट का दम
कंपनी की सुधार की मुख्य वजह लक्ज़री सेगमेंट रहा है। Tata Cliq Luxury का रेवेन्यू 26% बढ़ा, जबकि मास-मार्केट Tata Cliq Fashion में 7% की वृद्धि देखी गई। लागत पर नियंत्रण के लिए कंपनी ने फाइनेंस कॉस्ट में 80% की भारी कटौती की है, जो पिछले साल के ₹48 करोड़ से घटकर महज ₹9.6 करोड़ रह गई है।
मुनाफे की राह अभी लंबी
भले ही सालाना घाटा कम हुआ हो, लेकिन कंपनी का संचित घाटा (Accumulated Losses) अभी भी ₹3,931 करोड़ के आसपास है। भारत में Amazon, Flipkart और Nykaa जैसे दिग्गजों के बीच ई-कॉमर्स बिजनेस को मुनाफे में लाना एक कठिन चुनौती बनी हुई है।
Tata Digital की नई रणनीति
यह परफॉरमेंस Tata Digital के बड़े बदलाव का हिस्सा है। अब कंपनी का जोर अलग-अलग प्लेटफार्मों के बजाय Tata Neu जैसे सुपर-ऐप मॉडल पर अधिक है। इसके अलावा ग्रुप की अन्य कंपनियां जैसे Croma (Infiniti Retail) अब ₹159 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज कर रही हैं। निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या Tata UniStore अपनी लक्ज़री ग्रोथ को बरकरार रखते हुए खर्चों को कंट्रोल कर पाएगी या नहीं।
