Tata Sons का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26 में **38%** गिरकर **₹17,923 करोड़** रह गया है। इसका मुख्य कारण Air India और Tata Electronics जैसी अनलिस्टेड कंपनियों का भारी निवेश और घाटा है।
Tata Sons के नतीजों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹28,898.5 करोड़ से घटकर इस साल ₹17,923.4 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, पैरेंट कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट 21.8% बढ़कर ₹31,961 करोड़ रहा, जिसमें ब्रांड फीस और Tata Capital में हिस्सेदारी बेचने से मिली आय का अहम योगदान रहा।
Air India का बढ़ता घाटा
ग्रुप के लिए सबसे बड़ी चुनौती Air India रही है। एयरलाइन का नेट लॉस पिछले साल के ₹10,859 करोड़ से बढ़कर ₹22,238 करोड़ पहुंच गया है। एयरलाइन का रेवेन्यू भी 9% गिरकर ₹71,870 करोड़ रह गया। फ्लीट इंटीग्रेशन और सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण एयर इंडिया अकेले ही ग्रुप की सात घाटे वाली कंपनियों के कुल घाटे का लगभग 70% हिस्सा है।
विस्तार का खर्च और मैन्युफैक्चरिंग
Tata Electronics ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं, जिसका रेवेन्यू 97% उछलकर ₹1.31 लाख करोड़ पहुंच गया है। लेकिन भारी इन्वेस्टमेंट के कारण कंपनी का घाटा ₹970 करोड़ से बढ़कर ₹1,611 करोड़ हो गया। इसके अलावा, Tata Digital ने भी ₹4,974 करोड़ का घाटा दर्ज किया है।
राहत की उम्मीद
कुछ सेगमेंट ने मजबूती दिखाई है। Tata AutoComp Systems ने ₹1,091 करोड़ और Tata AIG General Insurance ने ₹1,008 करोड़ का प्रॉफिट कमाया है। Tata International ने भी शानदार वापसी करते हुए ₹73 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए सलाह
निवेशकों को यह समझना होगा कि यह रिपोर्ट Tata Sons की होल्डिंग कंपनी की है। TCS, Tata Motors, और Tata Steel जैसी लिस्टेड कंपनियों के नतीजों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ता है। बाजार अब इस पर नजर रखेगा कि Air India और Tata Electronics कब मुनाफे में आती हैं, क्योंकि ग्रुप की लंबी अवधि की वित्तीय सेहत इसी पर टिकी है।
