केन्याई राष्ट्रपति विलियम रुटो ने Tata Chemicals को अपने सोडा ऐश प्लांट के कामकाज को तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। इस रेगुलेटरी संकट के चलते कंपनी के शेयरों में **3%** तक की भारी गिरावट देखी गई और यह **₹625** के स्तर तक लुढ़क गया है।
अफ्रीका में बड़ा संकट
Tata Chemicals के लिए अफ्रीका में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। केन्या सरकार ने लेक मगादी (Lake Magadi) फैसिलिटी को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रपति विलियम रुटो का कहना है कि कंपनी वहां पर्याप्त निवेश नहीं कर रही है और आर्थिक वैल्यू एडिशन में भी कमी है। बता दें कि यह प्लांट कंपनी के पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा रहा है।
निवेशकों की चिंता क्यों?
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि लेक मगादी प्लांट सालाना 350,000 टन सोडा ऐश का उत्पादन करता है। कंपनी के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक, यह यूनिट कंपनी के ग्लोबल ऑपरेटिंग प्रॉफिट में करीब 6% का योगदान देती है। इस प्लांट का बंद होना न केवल सप्लाई चेन के लिए झटका है, बल्कि सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम लाइन पर असर डाल सकता है।
फाइनेंशियल सेहत पर असर
शेयरों में यह गिरावट पहले से ही दबाव में चल रहे स्टॉक के लिए एक और बड़ा झटका है। इस साल अब तक टाटा केमिकल्स के शेयर 15% टूट चुके हैं। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन भी खराब रहा है, जहाँ कंपनी को ₹17 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹252 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
आगे की राह
कंपनी ने 11 अगस्त, 2026 को केन्याई अधिकारियों को अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) सौंपी थी, जिसमें सभी कानूनी नियमों के पालन का दावा किया गया था। फिलहाल, कंपनी मंत्रालय के साथ बातचीत कर रही है ताकि अपने हितों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार के साथ बातचीत का क्या नतीजा निकलता है और कंपनी अपने मार्जिन को कैसे स्टेबल करती है।
