Tamil Nadu सरकार ने अपने शराब रिटेल एकाधिकार TASMAC के 60 से अधिक कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। ग्राहकों से MRP से ज्यादा वसूली की लगातार शिकायतों के बाद यह कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
ओवरचार्जिंग पर सख्त रुख
तमिलनाडु सरकार ने TASMAC आउटलेट्स पर चल रही धांधली पर लगाम लगाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। ग्राहकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कर्मचारी आधिकारिक कीमतों से ₹10 से ₹20 प्रति बोतल अतिरिक्त मांग रहे थे। यह कार्रवाई उस एकाधिकार (Monopoly) नेटवर्क को नियंत्रित करने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
क्यों फेल हो रहे हैं सुधार?
सरकार ने पहले कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ की सैलरी बढ़ाई थी ताकि वे अवैध वसूली न करें। सरकार का मानना था कि बिजली और दुकान के अन्य खर्चों के नाम पर वसूली का बहाना अब नहीं चलेगा। हालांकि, इन शिकायतों के दोबारा सामने आने से यह साफ है कि सिस्टम में जमी हुई खामियों को दूर करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर
TASMAC राज्य के बजट का एक मुख्य आधार है। फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 में इसने ₹48,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू जेनरेट किया है। ऐसे में इस नेटवर्क में भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर राज्य की फिजिकल हेल्थ और टैक्स कलेक्शन पर पड़ सकता है।
सियासी संग्राम और भविष्य की राह
इन सस्पेंशन के बाद राज्य विधानसभा में भी हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्षी दल DMK के बीच भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार ट्रांजेक्शन को डिजिटल बनाकर मानवीय हस्तक्षेप को कम कर पाएगी, ताकि शराब से मिलने वाले राजस्व और पारदर्शिता के बीच संतुलन बना रहे।
