तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay का एक AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें फर्जी सरकारी मदद का झांसा दिया जा रहा है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और इसके तार विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई है।
डीपफेक वीडियो का सच
तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID ने एक बेहद जटिल साइबर फ्रॉड केस की जांच तेज कर दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की आवाज और चेहरे का इस्तेमाल कर एक AI वीडियो बनाया गया है। इसमें सिंथेटिक हिंदी ऑडियो का उपयोग करके यह भ्रम पैदा किया जा रहा है कि यह सरकार की कोई आधिकारिक घोषणा है। इस वीडियो के जरिए आम लोगों को आर्थिक मदद का लालच देकर व्हाट्सएप ग्रुप्स से जुड़ने के लिए कहा जा रहा है।
विदेशी नेटवर्क से जुड़े तार
साइबर क्राइम यूनिट की शुरुआती जांच में इस पूरे स्कैम के पीछे एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। डीपफेक वीडियो को प्रमोट करने वाले कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की लोकेशन पाकिस्तान में ट्रेस की गई है। इस क्रॉस-बॉर्डर एंगल के कारण जांच अब और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
Meta से मांगी गई जानकारी
पुलिस ने सोशल मीडिया दिग्गज Meta से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया है ताकि डेटा लॉग्स और संबंधित अकाउंट्स की पहचान की जा सके। पुलिस ने इन भ्रामक वीडियोज को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटाने की अपील की है।
सतर्क रहने की सलाह
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक का गलत इस्तेमाल अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है। तमिलनाडु पुलिस ने साफ किया है कि राज्य सरकार किसी भी तरह की सरकारी सहायता बांटने के लिए सोशल मीडिया वीडियोज का सहारा नहीं लेती है। जनता को सलाह दी गई है कि वे ऐसे किसी भी नंबर पर कॉल न करें या संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप्स का हिस्सा न बनें।
