Election Commission Meeting: तमिलनाडु में सियासी घमासान, वोटर लिस्ट विवाद पर पार्टियों का बड़ा बॉयकॉट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Election Commission Meeting: तमिलनाडु में सियासी घमासान, वोटर लिस्ट विवाद पर पार्टियों का बड़ा बॉयकॉट

तमिलनाडु में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बड़ी सियासी हलचल है। DMK और TVK समेत कई प्रमुख पार्टियों ने इलेक्शन कमीशन (EC) की बैठक का बॉयकॉट किया है। विवाद **74 लाख** से अधिक वोटर्स के नाम कटने और **97 लाख** एंट्रीज में पारदर्शिता की मांग को लेकर गहरा गया है।

तमिलनाडु के स्टेट सेक्रेटेरिएट में इलेक्शन कमीशन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी, जिसका मुख्य एजेंडा आगामी 'स्पेशल समरी रिवीजन' पर चर्चा करना था। हालांकि, यह बैठक उस समय हंगामे में बदल गई जब DMK, TVK, कांग्रेस और VCK जैसे दलों ने एक साथ बैठक का बहिष्कार कर दिया।\n\n### विवाद की जड़ क्या है?\n\nविपक्षी दलों का आरोप है कि पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान बिना किसी ठोस कारण के 74 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम सूची से हटा दिए गए। नाराज पार्टियों ने आयोग के नेतृत्व पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया है और मांग की है कि पुरानी गड़बड़ियों को सुधारे बिना कोई भी नया रिवीजन चक्र शुरू न किया जाए।\n\n### AIADMK की अलग रणनीति\n\nवहीं दूसरी ओर, AIADMK ने बैठक का बहिष्कार करने के बजाय उसमें शामिल होने का फैसला किया। पार्टी प्रतिनिधि और पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि वे आधिकारिक रिकॉर्ड में अपनी चिंताओं को दर्ज कराना चाहते हैं। AIADMK का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान 97 लाख एंट्रीज को 'फ्लैग' किया गया था, जिसमें डुप्लीकेट नाम और मृत व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इन एंट्रीज की पब्लिक और ट्रांसपेरेंट वेरिफिकेशन की मांग रखी है।\n\nफिलहाल, मानसून के दौरान वेरिफिकेशन कैंप आयोजित करने की व्यवहार्यता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर आयोग पर दबाव बढ़ गया है। राज्य की संस्थागत स्थिरता के लिहाज से यह मुद्दा आने वाले चुनाव चक्र तक चर्चा के केंद्र में रहने वाला है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.