Tamil Nadu के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay 9 सितंबर को अपनी गठबंधन सरकार को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। हालांकि, वामपंथी दलों (Left parties) द्वारा बैठक का बहिष्कार और कांग्रेस के साथ बढ़ते तनाव ने राज्य की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो बिजनेस सेंटिमेंट के लिए चिंताजनक है।
गठबंधन में बढ़ती दरार
मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay 9 सितंबर, 2026 को चेन्नई स्थित Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) मुख्यालय में एक अहम बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इसका मुख्य मकसद एक 'जॉइंट स्टीयरिंग कमेटी' बनाना और 'कॉमन मिनिमम प्रोग्राम' को अंतिम रूप देना है। हालांकि, एकता के प्रयासों के बावजूद सरकार को अपने ही सहयोगियों से तगड़ी चुनौती मिल रही है।
लेफ्ट पार्टियों का बायकॉट
Communist Party of India (Marxist) और Communist Party of India (CPI) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली है। 1 जुलाई के बाद यह दूसरा मौका है जब वामपंथी दलों ने गठबंधन की औपचारिक बैठकों का बहिष्कार किया है। उनकी मुख्य मांग कैबिनेट में प्रतिनिधित्व है, और जब तक यह नहीं मिलता, वे सरकार को केवल मुद्दों के आधार पर ही समर्थन देने की बात कह रहे हैं।
कांग्रेस के साथ रार और राजनीति
मुसीबत सिर्फ वामपंथियों तक सीमित नहीं है। TVK के कई विधायक सीएम Vijay को 2029 लोकसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता रहे हैं, जिससे Congress भड़क गई है। कांग्रेस मंत्री S. Rajesh Kumar ने साफ कर दिया है कि वे केवल Rahul Gandhi को ही राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए समर्थन देते हैं। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि TVK ने अपनी इस महत्वाकांक्षा पर जोर दिया, तो वे राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
बिजनेस और इकोनॉमी पर असर
चूंकि मुख्यमंत्री की सरकार का बहुमत बहुत कम (narrow margin) है, इसलिए गठबंधन का टूटना राज्य के लेजिस्लेटिव एजेंडे को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। बिजनेस कम्युनिटी और इन्वेस्टर्स के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, बजट अप्रूवल और सरकारी फैसलों में देरी के रूप में सामने आता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार इस अंदरूनी कलह को थाम पाएगी या राज्य में पॉलिसी ग्रिडलॉक की स्थिति पैदा होगी।
