तमिलनाडु सरकार ने अपने फ्री ब्रेकफास्ट प्रोग्राम का दायरा बढ़ाते हुए इसे 6वीं से 8वीं कक्षा के छात्रों तक लागू कर दिया है। इससे **15.30 लाख** नए बच्चे जुड़ेंगे और कुल बजट अब **₹724 करोड़** तक पहुंच गया है।
तमिलनाडु सरकार ने अपनी फ्लैगशिप पहल, जिसे अब 'पेरुंथलइवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' (Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme) के नाम से जाना जाएगा, का दायरा बढ़ा दिया है। पहले यह सुविधा केवल पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए थी, लेकिन अब इसमें छठी से आठवीं कक्षा के छात्र भी शामिल होंगे। इस विस्तार से राज्य भर के 15,454 से अधिक सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को सीधा फायदा मिलेगा।
बजट और वित्तीय प्रभाव
सरकार ने इस योजना को मजबूती देने के लिए सालाना बजट में ₹217.63 करोड़ की अतिरिक्त राशि आवंटित की है, जिससे कुल खर्च बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया है। सोशल वेलफेयर एंड वुमन एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही किचन्स और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स पर हाइजीन के कड़े मानक बनाए रखे जाएं।
चुनावी बाधा (Regulatory Hurdle)
योजना का विस्तार तो शुरू हो गया है, लेकिन कुछ इलाकों में इसे फिलहाल ब्रेक लग गया है। चेंगलपट्टू और तिरुपुर जिलों में 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' (आचार संहिता) लागू होने के कारण यहां फिलहाल काम रुका हुआ है। विधानसभा उपचुनावों के चलते चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक इन जिलों में प्रशासनिक रोलआउट को अभी रोक दिया गया है।
