एक्टर से राजनेता बने Joseph Vijay की पार्टी TVK ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में Gen Z के **68%** वोट हासिल कर सबको चौंका दिया है। इस जीत के पीछे मुख्य मुद्दा रोजगार और सुशासन (functional governance) रहा है, जिसे लेकर अब निवेशक और इंडस्ट्री लीडर्स सतर्क हैं कि यह राज्य के बिजनेस एनवायरनमेंट को कैसे बदलेगा।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हालिया विधानसभा चुनावों में Joseph Vijay की अगुवाई वाली Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने अपनी मजबूत दस्तक दी है। आंकड़ों के मुताबिक, पार्टी को Gen Z मतदाताओं का 68% समर्थन मिला है, जो पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के समीकरणों से काफी अलग है। बिजनेस कम्युनिटी और इन्वेस्टर्स के लिए यह नतीजे इस बात का सबूत हैं कि युवा अब राजनीतिक नारों से हटकर जॉब क्रिएशन, पारदर्शिता और काम करने वाली सरकार (functional governance) पर भरोसा कर रहे हैं।
इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?
तमिलनाडु देश का एक बड़ा इंडस्ट्रियल हब है, जो ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अपनी पहचान रखता है। अब तक राज्य की सफलता का राज वहां की इंफ्रास्ट्रक्चर क्वालिटी और पॉलिसी की निरंतरता रही है। अगर नई सरकार रोजगार के वादों को पूरा करने के लिए लेबर पॉलिसी या 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में बदलाव करती है, तो यह आने वाले समय में निवेशकों के लिए सबसे बड़ा मॉनिटरेबल (monitorable) पॉइंट होगा।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में भी चर्चा
हाल ही में 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ' के दौरान भी युवाओं की बदलती पसंद पर लंबी बहस हुई। जहां BJP के नेताओं ने इसे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन रिफॉर्म बताया, वहीं Congress ने इसे बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं के गुस्से के रूप में पेश किया। यह साफ है कि युवा-केंद्रित आर्थिक नीतियां अब भारतीय राजनीति का केंद्र बन रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर्स के लिए फिलहाल 'पॉलिसी स्टेबिलिटी' सबसे जरूरी है। मार्केट यह बारीकी से देख रहा है कि नई सरकार राज्य की फिस्कल डिसिप्लिन (fiscal discipline) को कैसे बनाए रखती है। आने वाली तिमाहियों में इंडस्ट्रियल इंसेंटिव्स, लैंड और लेबर पॉलिसी में होने वाले बदलाव ही तय करेंगे कि तमिलनाडु निवेश के लिए अपनी पसंदीदा जगह का रुतबा बरकरार रख पाएगा या नहीं।
