टाइफून 'चंपा' के कारण ताइवान में आज वित्तीय बाजार पूरी तरह बंद हैं। तूफान ने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया है, जिससे **1,000** से ज्यादा उड़ानें रद्द और **77,000** घरों की बिजली गुल हो गई है।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को टाइफून 'चंपा' की चेतावनी के बाद ताइवान के वित्तीय बाजारों में कामकाज ठप हो गया है। 191 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं ने पूरे द्वीप पर परिवहन और बुनियादी ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक, 262 घरेलू और 669 इंटरनेशनल फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है, जिससे ताइवान का बाहरी दुनिया से हवाई संपर्क लगभग टूट गया है।
ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेक्टर पर नजर
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता ताइवान की ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका को लेकर है। ताइवान दुनिया की प्रमुख चिप निर्माण कंपनियों का गढ़ है। हालांकि वहां की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में पावर बैकअप और सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत होते हैं, लेकिन 77,000 घरों में बिजली की कटौती ने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी को उजागर किया है। कच्चे माल की आवाजाही रुकने से ग्लोबल ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में चिप्स की शॉर्टेज का रिस्क बढ़ गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रेस्क्यू ऑपरेशन
सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि तूफान का दायरा 320 किलोमीटर तक फैला हुआ है। भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए, सरकार ने यिलान (Yilan) काउंटी जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना को तैनात कर दिया है और 1,300 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान के कारण अब तक 170 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
आगे का क्या है आउटलुक?
टाइफून अब चीन और जापान के ओकिनावा प्रान्त (Okinawa Prefecture) की ओर बढ़ रहा है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का कामकाज कब बहाल होगा और क्या प्रमुख कंपनियों की तरफ से प्रोडक्शन को लेकर कोई अपडेट आता है। सप्लाई नेटवर्क पर असर इस बात पर निर्भर करेगा कि पावर ग्रिड और ट्रांसपोर्ट हब कितनी जल्दी सामान्य हो पाते हैं।
