TVS Group के प्रमोटर वेणु श्रीनिवासन के परिवार में उत्तराधिकार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मार्च 2024 में हुए एक एमओयू (MoU) के अलग-अलग मतलब निकाले जाने के बाद अब कानूनी लड़ाई के आसार बढ़ गए हैं, जिससे निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
TVS Group के भविष्य को लेकर परिवार के भीतर एक बड़ी दरार सामने आई है। विवाद की जड़ मार्च 2024 में साइन किया गया एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) है, जिसे परिवार की संपत्ति और बिजनेस के बंटवारे को स्पष्ट करने के लिए बनाया गया था। हालांकि, अब परिवार के अलग-अलग धड़ों में इस समझौते की व्याख्या को लेकर गंभीर असहमति है।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
TVS Motor Company के मुखिया सुदर्शन वेणु और उनके पिता वेणु श्रीनिवासन का मानना है कि 2024 का यह समझौता पारिवारिक संपत्ति के अंतिम और पूर्ण बंटवारे की पुष्टि करता है। वहीं दूसरी ओर, TAFE की वाइस-चेयरपर्सन लक्ष्मी वेणु और उनकी मां मल्लिका श्रीनिवासन का कहना है कि यह एग्रीमेंट कभी भी पूरी फाइनेंशियल सेटलमेंट के लिए नहीं था। उनका तर्क है कि यह समझौता केवल ब्रांड के इस्तेमाल और नॉन-कम्पिट क्लॉज तक ही सीमित था।
भारी वेल्युएशन गैप (Valuation Gap)
इस विवाद को हवा देने वाली सबसे बड़ी वजह बिजनेस सेगमेंट के बीच का बड़ा वेल्युएशन अंतर है। सुदर्शन वेणु द्वारा संचालित TVS Motor Company की मार्केट कैप लगभग ₹1.86 लाख करोड़ है, जो ग्रुप की अन्य कंपनियों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। पिछले 18 महीनों से चली आ रही मध्यस्थता (Mediation) के विफल रहने के बाद, अब कानूनी लड़ाई की संभावना बढ़ गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों के लिए यह स्थिति कॉरपोरेट गवर्नेंस और लॉन्ग-टर्म स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर रही है। अप्रैल 2026 में सुंदरम क्लेटन (Sundaram Clayton) में कंपनी सेक्रेटरी को हटाए जाने के मामले ने भी बोर्डरूम में जारी खींचतान को जगजाहिर कर दिया था। फिलहाल TVS Motor Company के शेयर ₹3,870 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन कंपनी की स्ट्रैटेजिक दिशा और गवर्नेंस को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिस पर शेयरधारकों की नजरें टिकी हैं।
