TVS Capital Funds ने अपने चौथे फंड के लिए **₹4,000 करोड़** का बड़ा बजट तैयार किया है। कंपनी अब डीपटेक (Deeptech) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दांव लगाएगी, जहां कम से कम **6** बड़े निवेश करने की योजना है।
डीपटेक और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
TVS Capital Funds अपने नए फंड से हाई-ग्रोथ कंपनियों को फंड करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य कम से कम 6 नए सौदे करना है, जिसमें डीपटेक, मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स शामिल हैं। कंपनी का पूरा ध्यान ऐसे बिजनेस पर है जो लंबे समय तक टिके रह सकें, न कि वे जो केवल शॉर्ट-टर्म ट्रेंड का फायदा उठाते हैं।
असली IP की पहचान
कंपनी ने साफ किया है कि वह स्पेस, डिफेंस और एविएशन जैसे उन सेक्टर्स को प्राथमिकता दे रही है, जिनके पास मजबूत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) है। मैनेजिंग पार्टनर कृष्णा रामचंद्रन ने स्पष्ट किया कि टीम उन कंपनियों से बच रही है जो सामान्य मैन्युफैक्चरिंग को केवल 'डीपटेक' का नाम दे रही हैं। कंपनी अपने खुद के फ्रेमवर्क से फाउंडर्स और टेक्नोलॉजी की जांच करेगी ताकि केवल असल इनोवेशन को पैसा मिले।
वैल्यूएशन और रिस्क मैनेजमेंट
AI सेक्टर में चल रही हाई वैल्यूएशन को देखते हुए TVS Capital ने सतर्क रुख अपनाया है। कंपनी 6 से 7 साल के होल्डिंग पीरियड के साथ चल रही है, इसलिए वह मार्केट के शोर कम होने का इंतजार कर रही है। जिन कंपनियों में स्केलेबिलिटी दिखेगी, उनमें कंपनी ₹300 करोड़ से ₹500 करोड़ प्रति डील तक निवेश कर सकती है।
सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
यह निवेश स्ट्रैटेजी 'आत्मनिर्भर भारत' की तर्ज पर है। TVS Capital उन 14 फंड मैनेजर्स में से एक है जिन्हें सरकार समर्थित 'रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड' से सपोर्ट मिल रहा है। कंपनी का कुल लक्ष्य को-इन्वेस्टमेंट के जरिए ₹5,000 करोड़ तक के डिप्लॉयमेंट का है। इसके पोर्टफोलियो में पहले से ही Finnable, Saarathi Finance & Credit और Neo Wealth जैसी कंपनियां शामिल हैं।
