तमिलनाडु की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) अब आधिकारिक तौर पर INDIA Bloc का हिस्सा बन गई है। राज्य के सामने खड़े **₹13.8 लाख करोड़** के भारी-भरकम कर्ज के बीच निवेशकों की नजर इस राजनीतिक गठजोड़ पर टिकी है।
राजनीतिक हलचल और गठबंधन की शुरुआत
चेन्नई में 3 अक्टूबर, 2026 को हुई पहली को-ऑर्डिनेशन मीटिंग के साथ ही TVK ने अपने नए सफर की शुरुआत की है। इस बैठक में Congress, VCK और MDMK जैसे प्रमुख दल शामिल रहे। यह राजनीतिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब तमिलनाडु एक जटिल आर्थिक दौर से गुजर रहा है।
आर्थिक चुनौतियों का पहाड़
राज्य सरकार के हालिया खुलासे बताते हैं कि तमिलनाडु पर कुल देनदारी ₹13.18 लाख करोड़ से लेकर ₹13.8 लाख करोड़ के बीच है। राज्य की वित्त मंत्री N. Marie Wilson ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय स्थिरता और रिकवरी के लिए कम से कम 2 साल की सख्त वित्तीय अनुशासन नीति की जरूरत है। मार्केट के जानकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सरकार लोक-लुभावन वादों और Debt-to-GSDP अनुपात को घटाने के बीच कैसे संतुलन बिठाती है।
केंद्र के साथ बढ़ता टकराव
गठबंधन ने Election Commission of India (ECI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए, गठबंधन ने 13 और 14 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और 15 अक्टूबर को चेन्नई में एक बड़ी रैली की घोषणा की है। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को हटाने की मांग की है। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच की यह तनातनी भविष्य में प्रोजेक्ट अप्रूवल और प्रशासनिक समन्वय में देरी का कारण बन सकती है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
आगे की राह
आने वाले महीने इस नए गठबंधन की स्थिरता की परीक्षा लेंगे। एक तरफ केंद्र सरकार का विरोध करने का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ राज्यों की वित्तीय सुधारों को लागू करने की जिम्मेदारी। सरकार अगर अपने 2 साल के रिकवरी रोडमैप पर अडिग रहती है, तभी राज्य की लॉन्ग-टर्म आर्थिक दिशा तय हो पाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग और फिस्कल डेफिसिट के आंकड़ों पर फिलहाल सभी का फोकस बना हुआ है।
