AMMK नेता TTV Dhinakaran ने दावा किया है कि तमिलनाडु में हालिया राजनीतिक अस्थिरता के दौरान AIADMK ने VCK प्रमुख Thol Thirumavalavan को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था। यह कोशिश तब की गई जब चुनाव नतीजों के बाद सरकार बनाने को लेकर स्थिति साफ नहीं थी।
AMMK के नेता TTV Dhinakaran ने दावा किया है कि तमिलनाडु में चुनाव के बाद बनी राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में AIADMK लीडरशिप ने गठबंधन की एक बड़ी रणनीति बनाई थी। इस रणनीति के तहत VCK के चीफ Thol Thirumavalavan को राज्य का मुख्यमंत्री पद ऑफर किया गया था। यह खुलासा तब हुआ है जब एक्टर से राजनेता बने विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को शुरुआत में स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा था।
पर्दे के पीछे की राजनीति
Dhinakaran के मुताबिक, Edappadi K. Palaniswami के नेतृत्व वाली AIADMK ने 'हंग असेंबली' (Hung Assembly) की स्थिति से निपटने और अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए यह दांव खेला था। उनका मकसद सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े तक पहुंचना था, ताकि सत्ता की बागडोर उनके हाथ में बनी रहे।
क्यों फेल हुआ प्लान?
यह प्रस्तावित गठबंधन जमीन पर नहीं उतर सका, क्योंकि कई वामपंथी (Left-leaning) दलों ने AIADMK के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। इन दलों का तर्क था कि AIADMK के BJP के साथ रहे पुराने संबंधों के कारण वे किसी भी सूरत में उनके साथ तालमेल नहीं बिठा सकते। वामपंथी दलों के समर्थन न मिलने के कारण यह गठबंधन की कोशिश अधर में लटक गई।
सरकार का गठन
अंत में, रास्ता साफ हुआ और TVK ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। गवर्नर Rajendra Arlekar से मुलाकात के बाद विजय को 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया गया। TVK ने VCK और Indian Union Muslim League के समर्थन से 118 सीटों का जरूरी आंकड़ा पार कर लिया था। अब सभी की नजरें नई सरकार की नीतियों और तमिलनाडु के आर्थिक विकास पर टिकी हैं, क्योंकि स्थिरता किसी भी राज्य के बिजनेस एनवायरनमेंट के लिए सबसे जरूरी है।
