फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के चुनावी चंदे के खुलासे में तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा अंतर सामने आया है। जहां DMK और AIADMK को **₹160 करोड़** से ज्यादा का कॉर्पोरेट फंड मिला है, वहीं नई पार्टी TVK का फंड मुख्य रूप से पार्टी नेताओं पर निर्भर है।
फंडिंग का नया गणित
चुनाव आयोग (ECI) में जमा की गई रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु की राजनीति में फंड का बड़ा अंतर दिख रहा है। नई नवेली पार्टी Tamizhaaga Vettri Kazhagam (TVK), जिसे एक्टर विजय लीड कर रहे हैं, उसने कुल ₹13.3 करोड़ का चंदा घोषित किया है। हैरानी की बात यह है कि इस फंड का 99% हिस्सा सिर्फ दो नेताओं—आधव अर्जुन (₹8.2 करोड़) और आरवी रंजीतकुमार (₹5 करोड़) की जेब से आया है।
स्थापित पार्टियों का दबदबा
दूसरी तरफ पुरानी पार्टियों का हिसाब बिल्कुल अलग है। DMK ने करीब ₹191.19 करोड़ और AIADMK ने ₹161.35 करोड़ का चंदा जुटाया है। इन दोनों पार्टियों को कोलकाता की फर्म 'टाइगर एसोसिएट्स' से भारी पैसा मिला है—DMK को ₹125 करोड़ और AIADMK को ₹135 करोड़।
सवालों के घेरे में कनेक्शन
टाइगर एसोसिएट्स का नाम चर्चा में इसलिए है क्योंकि इसके संबंध लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन और उनकी कंपनी 'फ्यूचर गेमिंग' से जुड़े बताए जाते हैं। गौरतलब है कि 'फ्यूचर गेमिंग' इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया था। अब इस पूरे मामले पर रेगुलेटरी बॉडीज और केंद्रीय एजेंसियों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड हटने के बाद यह कॉर्पोरेट फंडिंग का एक नया स्वरूप बनकर उभरा है।
