तमिलनाडु के सीएम Joseph Vijay ने विदेश मंत्री S. Jaishankar को पत्र लिखकर मालदीव कोस्ट गार्ड द्वारा पकड़े गए 25 मछुआरों और 3 नावों को जल्द छुड़ाने की अपील की है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Joseph Vijay ने औपचारिक रूप से विदेश मंत्री S. Jaishankar को पत्र लिखकर तूतीकोरिन जिले के 25 मछुआरों की रिहाई के लिए तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। ये मछुआरे और उनकी 3 मशीनीकृत नावें 13 अक्टूबर, 2026 की सुबह मालदीव कोस्ट गार्ड द्वारा हिरासत में ली गई थीं। राज्य सरकार अब इन श्रमिकों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली से दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
तटीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन नावों का जब्त होना प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़ा वित्तीय संकट खड़ा कर रहा है। तमिलनाडु की तटीय अर्थव्यवस्था में फिशिंग एक प्रमुख आय का स्रोत है। नावों के जब्त होने से मछुआरों के लिए रिहाई के बाद भी काम पर लौटना मुश्किल हो जाता है। राज्य प्रशासन केंद्र सरकार से मांग कर रहा है कि वे पड़ोसी देशों पर मजबूत कूटनीतिक दबाव डालें ताकि मछुआरे बिना किसी डर के अपने पारंपरिक मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में जा सकें।
क्षेत्रीय विवादों का बढ़ता दबाव
यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले इसी महीने श्रीलंका की नौसेना द्वारा 20 मछुआरों और 270 नावों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया था। पाक बे (Palk Bay) क्षेत्र, जो पारंपरिक फिशिंग के लिए जाना जाता है, लंबे समय से ऐसे तनावों का केंद्र बना हुआ है। बार-बार संपत्तियों की जब्ती से स्थानीय फिशिंग सेक्टर में अस्थिरता बढ़ रही है। राज्य सरकार अब पड़ोसी देशों के साथ बेहतर कूटनीतिक बातचीत के जरिए ऐसी घटनाओं को रोकने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि समुद्री क्षेत्र में शांति बनी रहे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।
