महुआ मोइत्रा का कृष्णानगर सर्किट हाउस से हटने से इनकार, स्थानीय प्रशासन से टकराव

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AuthorAditya Rao|Published at:
महुआ मोइत्रा का कृष्णानगर सर्किट हाउस से हटने से इनकार, स्थानीय प्रशासन से टकराव

कृष्णानगर सर्किट हाउस में 14 अगस्त 2026 की देर रात स्थानीय प्रशासन के निर्देश के बावजूद TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब सुविधा के बाहर प्रदर्शनकारियों के नारे लगाने की खबरें थीं। यह घटना सांसद के दिन में Nadia Police के सामने पेश होने के बाद हुई है, जो एक कानूनी जांच से संबंधित थी।

कृष्णानगर सर्किट हाउस में क्या हुआ?

14 अगस्त 2026 की देर शाम, कृष्णानगर सर्किट हाउस में तनाव की स्थिति तब पैदा हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए हटने के निर्देश का पालन करने से मना कर दिया। करीब रात 9:47 बजे, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से सांसद को यह निर्देश मिला कि वे सरकारी आवास खाली कर दें।

सांसद का जवाब

महुआ मोइत्रा, जो उस समय सर्किट हाउस में रुकी हुई थीं, ने इस आदेश को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी। उन्होंने खुद को एक निर्वाचित प्रतिनिधि बताते हुए अपने निर्वाचन क्षेत्र में आधिकारिक आवास का उपयोग करने के अपने अधिकार पर जोर दिया। सांसद ने कहा कि उन्हें परिसर में लौटने के कुछ ही समय बाद यह निर्देश दिया गया था, जिससे प्रशासनिक आदेश की वैधता को लेकर सार्वजनिक मतभेद पैदा हो गया।

प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा

स्थिति तब और बिगड़ गई जब मोइत्रा ने बताया कि सर्किट हाउस के गेट पर एक भीड़ जमा हो गई थी, जो 'जय श्री राम' जैसे धार्मिक नारे लगा रही थी। सांसद ने इस प्रशासनिक निर्देश और नारेबाजी कर रही भीड़ को उन्हें इलाके से बाहर निकालने के लिए एक संगठित प्रयास बताया। उन्होंने इस आदेश को उनके निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदगी से जोड़ा।

कानूनी कार्रवाई का दिन

यह घटना सांसद के लिए कानूनी कार्यवाही वाले दिन के बाद हुई। इसी शुक्रवार को, मोइत्रा कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, हेट स्पीच के आरोपों से संबंधित एक चल रही जांच के संबंध में Nadia Police के Hogalberia पुलिस स्टेशन में पेश हुई थीं। उन्हें इस कानूनी मामले में 5 अक्टूबर 2026 तक के लिए अंतरिम सुरक्षा मिली हुई है।

राजनीतिक तनाव

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिदृश्य पर नजर रखने वालों के लिए, यह घटना कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र के भीतर चल रहे घर्षण को दर्शाती है। सर्किट हाउस में हुआ यह टकराव इस क्षेत्र में विपक्षी नेताओं के आसपास की व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव को दर्शाता है। इस माहौल में हितधारकों के लिए मुख्य चिंता स्थानीय प्रशासन की स्थिरता और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्तियों से जुड़े चल रहे कानूनी मामलों की बनी हुई है। जब तक कोई और प्रशासनिक या कानूनी स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता, तब तक यह स्थिति चर्चा का केंद्र बनी रहने की संभावना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.