TMC सांसद कल्याण बनर्जी लोकसभा से सस्पेंड, महिला सांसदों पर अभद्र टिप्पणी का आरोप

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AuthorAditya Rao|Published at:
TMC सांसद कल्याण बनर्जी लोकसभा से सस्पेंड, महिला सांसदों पर अभद्र टिप्पणी का आरोप

TMC सांसद कल्याण बनर्जी को संसद के मॉनसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है। उन पर सदन की महिला सदस्यों के प्रति अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।

Detailed Coverage

लोकसभा में TMC सांसद पर गिरी गाज

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र से बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला सदन में उनके आचरण को लेकर की गई शिकायतों के बाद, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव के पारित होने पर आधारित है। सदन ने ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

क्या है पूरा मामला?

निलंबन की कार्रवाई तब शुरू हुई जब कल्याण बनर्जी पर सदन में महिला सांसदों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेनेटी ने बताया कि स्पीकर ओम बिरला को औपचारिक शिकायत सौंपी गई थी, जिसमें कहा गया था कि सांसद की टिप्पणियां विधायी निकाय की गरिमा के अनुरूप नहीं थीं। प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद, TMC सांसद को सदन परिसर से तत्काल बाहर जाने का निर्देश दिया गया। संसद का मॉनसून सत्र फिलहाल 13 अगस्त को समाप्त होना निर्धारित है।

हंगामे की वजह

यह घटना सदन की पिछली कार्यवाही स्थगन के बाद हुई। रिपोर्टों के अनुसार, कल्याण बनर्जी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कुछ सदस्यों, जिनमें मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थे, के बीच एक झड़प हुई। ये NCP सदस्य पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन बाद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ अपने वर्तमान राजनीतिक जुड़ाव में चले गए। इस घटना के बाद, प्रभावित सांसदों ने स्पीकर से मिलकर औपचारिक रूप से मुद्दा उठाया, जिसके परिणामस्वरूप निलंबन का प्रस्ताव आया।

हालांकि इस घटना से सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, लेकिन अन्य मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण विधायी गतिविधियों में व्यापक व्यवधान देखा गया है। निलंबन और निरंतर विरोध प्रदर्शनों के बाद सदन को दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था। निवेशक और बाजार पर्यवेक्षक आमतौर पर विधायी सुधारों, बजट आवंटन, या नीतिगत बदलावों पर अपडेट के लिए संसदीय सत्रों पर नजर रखते हैं, जिनका विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों या बाजार की भावना पर प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले दिनों में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सत्र के शेष समय में विधायी कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.