आंध्र प्रदेश के श्री सिटी स्थित TIL Healthcare के फार्मा प्लांट में बॉयलर फटने से **5** लोगों की जान चली गई है, जबकि **10** से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसे की भयावहता
शनिवार सुबह लगभग 8:00 बजे शिफ्ट चेंज के दौरान श्री सिटी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में स्थित TIL Healthcare के फार्मास्यूटिकल प्लांट में एक जोरदार धमाका हुआ। बॉयलर फटने से हुए इस हादसे में 5 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 10 से अधिक कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरकारी एक्शन और मुआवजा
राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, इक्विपमेंट में थकान या सेफ्टी प्रोटोकॉल की चूक के कारण हुआ है।
कंपनी के सामने अब क्या चुनौतियां?
फार्मा सेक्टर में इस तरह के हादसे कंपनी के लिए बड़े रेगुलेटरी और ऑपरेशनल रिस्क पैदा करते हैं। ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर स्टेट और इंडस्ट्रियल सेफ्टी रेगुलेटर्स की तरफ से अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट किए जाते हैं, जिसके चलते प्लांट का कामकाज लंबे समय तक बंद रह सकता है। प्रोडक्शन और सप्लाई चेन पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
SEZ नियमों के तहत सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। यदि जांच में कंपनी की लापरवाही या इक्विपमेंट मेंटेनेंस में कमी पाई जाती है, तो कंपनी को भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों के लिए अब प्लांट के दोबारा खुलने की टाइमलाइन और सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण होगी।
