जिन टैक्स डिडक्टर्स (Tax Deductors) ने गलती से TDS चालान के लिए गलत फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) चुन लिया है, उन्हें अब इसे ठीक करने के लिए पुराने TRACES पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 पोर्टल पर फिलहाल ये सुविधा उपलब्ध नहीं है।
क्या हुआ?
टैक्स डिडक्टर्स को 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के TDS (Tax Deducted at Source) फाइलिंग में दिक्कत आ रही है। कुछ लोगों ने गलती से 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के तहत TDS चालान जमा कर दिए हैं, जो पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 से जुड़ा है। नई समस्या यह है कि नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत लॉन्च हुए नए इनकम टैक्स पोर्टल पर फिलहाल इस तरह की गलतियों को ठीक करने की सुविधा नहीं है। सिस्टम ट्रांजिशन फेज (Transition Phase) में होने के कारण, ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए यूजर्स को पुराने (Legacy) TRACES पोर्टल पर भेजा जा रहा है।
डिडक्टी (Deductee) के लिए सटीकता क्यों जरूरी है?
जब TDS चालान गलत फाइनेंशियल ईयर के लिए फाइल होता है, तो डिडक्टी (जिसका टैक्स काटा गया है) को अपने अकाउंट में टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता है। इस गलती से डिडक्टी को ज्यादा टैक्स देनदारी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन गड़बड़ियों से ऑटोमेटिक डिफॉल्ट नोटिस जारी हो सकते हैं, जिससे डिडक्टर और डिडक्टी दोनों के लिए बेवजह की परेशानी बढ़ सकती है।
चालान की गलती कैसे ठीक करें?
इन गलतियों को सुधारने के लिए, डिडक्टर्स को पुराने TRACES पोर्टल पर लॉग इन करने की सलाह दी जाती है। सुधार प्रक्रिया में 'Statement / Payment' सेक्शन में जाकर 'Request for OLTAS Challan Correction' का विकल्प चुनना होगा। इस मेन्यू में, यूजर को गलत चुना गया फाइनेंशियल ईयर (2025-26) चुनकर उसे सही ईयर (2026-27) में बदलना होगा। इसके बाद डिटेल्स को वेरिफाई करके सबमिट करना होगा। इन स्टेप्स को फॉलो करना ही TDS चालान को सही फाइनेंशियल ईयर में दर्शाने का एकमात्र आधिकारिक तरीका है।
डिडक्टर्स को क्या ध्यान रखना चाहिए?
टैक्स प्रोफेशनल्स इस बात पर जोर देते हैं कि टैक्स रिजीम (Tax Regime) के इस ट्रांजिशन पीरियड में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इन गलतियों को ठीक करने में देरी होने से टैक्स क्रेडिट क्लेम (Tax Credit Claim) में बाधा आ सकती है और TDS स्टेटमेंट्स की रिपोर्टिंग जटिल हो सकती है। डिडक्टर्स को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत एक्शन लें ताकि टैक्स फाइलिंग सही रहे और तकनीकी गड़बड़ियों से बचा जा सके। जब तक नए सिस्टम में चालान करेक्शन की पूरी सुविधा शामिल नहीं हो जाती, तब तक पुराने प्लेटफॉर्म का उपयोग इन फाइनेंशियल ईयर एडजस्टमेंट्स के लिए करना होगा।
