TCS ने जून तिमाही के लिए मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों के लिए वेरिएबल पे को **60-70%** तय किया है, जबकि जूनियर लेवल को पूरा भुगतान मिलेगा। कंपनी मार्जिन दबाव और AI निवेश को मैनेज करने की कोशिश कर रही है। वहीं, 28 अगस्त को मार्केट रिकवरी के बाद TCS के शेयर में लगभग **4%** का उछाल देखा गया।
वेरिएबल पे का गणित
आईटी दिग्गज Tata Consultancy Services (TCS) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अपनी वेरिएबल पे स्ट्रक्चर का ऐलान कर दिया है। मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों के लिए इसे घटाकर 60-70% कर दिया गया है, जो पिछली दो तिमाहियों के 60-80% के मुकाबले कम है। राहत की बात यह है कि कंपनी के ज्यादातर वर्कफोर्स यानी जूनियर लेवल के कर्मचारियों को पूरा वेरिएबल पे मिलेगा, उन पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा।
मार्जिन पर दबाव और AI पर फोकस
कंपनी के इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पर बढ़ता दबाव है। TCS का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% दर्ज किया गया, जिसमें 130 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण एनुअल वेज हाइक (वार्षिक वेतन वृद्धि) है, जिसका असर मार्जिन पर 170 बेसिस पॉइंट्स पड़ा है। इसके साथ ही, कंपनी भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैपेबिलिटीज में भारी निवेश कर रही है।
ऑफिस अटेंडेंस का कनेक्शन
TCS की वेरिएबल पे परफॉरमेंस और ऑफिस अटेंडेंस से जुड़ी हुई है। इसके तहत, वेरिएबल पे पाने के लिए कम से कम 60% ऑफिस अटेंडेंस जरूरी है, जबकि पूरा भुगतान पाने के लिए कर्मचारियों को 85% अटेंडेंस का क्राइटेरिया पूरा करना होगा।
मार्केट का रिएक्शन
28 अगस्त, 2026 को बाजार की सकारात्मक धारणा और शॉर्ट-कवरिंग के चलते TCS के शेयरों में लगभग 4% की जोरदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि बदलते कॉम्पिटिटिव माहौल में कंपनी अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखती है और यह नई वेतन नीति रिटेंशन पर क्या असर डालती है।
