TCS Q1 नतीजों और FOMC मिनट्स से तय होगी भारतीय बाज़ार की चाल, इन पर रहेगी नज़र

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AuthorNeha Patil|Published at:
TCS Q1 नतीजों और FOMC मिनट्स से तय होगी भारतीय बाज़ार की चाल, इन पर रहेगी नज़र

भारतीय शेयर बाज़ारों में इस हफ़्ते तेज़ी जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि Q1 FY27 अर्निंग्स सीज़न की शुरुआत हो रही है। निवेशक TCS के नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स और कच्चे तेल की कीमतों पर पैनी नज़र रखेंगे।

TCS और कॉर्पोरेट कमाई पर फोकस

भारतीय कंपनियों के लिए जून तिमाही के नतीजों का सीज़न इस हफ़्ते शुरू हो रहा है। सबसे बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को अपने जून 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे पेश करेगी। निवेशकों के लिए ये नतीजे आईटी सेक्टर की डिमांड का अहम इंडिकेटर होंगे, खासकर अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाज़ारों में क्लाइंट्स के खर्च को लेकर। TCS के अलावा LTIMindtree, L&T Finance, Avenue Supermarts और Anand Rathi Wealth जैसी कंपनियां भी अपने Q1 FY27 के नतीजे जारी करेंगी। इन नतीजों से पता चलेगा कि पश्चिम एशिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव का कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन या रेवेन्यू ग्रोथ पर कितना असर पड़ा है।

ग्लोबल इकोनॉमी के संकेत

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, बाज़ार की नज़र 8 जुलाई को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मीटिंग के मिनट्स पर होगी। ये मिनट्स इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अफसरों के भविष्य में ब्याज दरों को लेकर क्या विचार हैं, इसका अंदाज़ा लग सकता है। साथ ही, S&P Global Services PMI, यूरोपीय रिटेल सेल्स और चीन के महंगाई के आंकड़े भी ग्लोबल इकोनॉमी की सेहत का जायज़ा देंगे।

कच्चा तेल और डोमेस्टिक फ्लोज़

कच्चे तेल की कीमतें भारतीय इकोनॉमी के लिए एक बड़ा फैक्टर बनी हुई हैं, क्योंकि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है। ब्रेंट क्रूड इस समय लगभग $71.80 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI $69 प्रति बैरल के आसपास है। ज़्यादा तेल की कीमतें भारत के इम्पोर्ट बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं, इसलिए इनकी स्थिरता डोमेस्टिक मार्केट के लिए ज़रूरी है। वहीं, डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स Foreign Institutional Investor (FII) के रुझानों पर भी नज़र रखेंगे। हाल के सत्रों में FIIs ने बिकवाली की है, लेकिन Domestic Institutional Investors (DIIs) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जो बाज़ार को सपोर्ट दे रहे हैं। बैंकों के लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के साथ-साथ भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व्स से जुड़े घरेलू आंकड़े भी लोकल इकोनॉमी का स्पष्ट चित्र पेश करेंगे। बाज़ार की वोलेटिलिटी (Volatility) को मापने वाला India VIX 11.79 पर है, जिससे बाज़ार फिलहाल शांत दिख रहा है। वहीं, Nifty 50 के लिए ट्रेडर्स 24,400 के रेजिस्टेंस और 24,000-24,200 के सपोर्ट लेवल पर ध्यान देंगे।

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